Monday, April 27, 2020

लैब में बने संक्रामक बीमारी के ‘हथियार’ से निपटने के लिए यूएन जैसा नया संगठन बनाएं देश: बिल गेट्स

माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स का कहना है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठन बनाए गए। कोविड-19 के बाद नेताओं को अगली महामारी रोकने के लिए नए संस्थान बनाने चाहिए। ये हमें इसके लिए भी तैयार करेंगे कि अगर कोई लैब में संक्रामक बीमारी को तैयार कर हथियार की तरह उसका इस्तेमाल करता है, तो उससे कैसे निपटना है। ‘द इकाेनाॅमिस्ट’ से अनुबंध के तहत पेश है उनके विचार...
कोरोना वैक्सीन लगाए बिना जिंदगी सामान्य ढर्रे पर नहीं लौटेगी

गेट्सने कहा, जब इतिहासकार कोविड-19 महामारी पर किताब लिखेंगे तो जो हम अब तक जीते रहे हैं, वह एक तिहाई के आसपास ही होगा। कहानी का बड़ा हिस्सा उस पर होगा, जो आगे होना है। यूरोप के अधिकांश हिस्से, पूर्वी एशिया और उत्तरी अमेरिका में इस महामारी का चरम संभवत: इस महीने के आखिर तक बीत जाएगा। कई लोगों को उम्मीद है कि कुछ हफ्तोंमें चीजें वैसी ही हो जाएंगी, जैसी दिसंबर में थीं। दुर्भाग्य से, ऐसा नहीं होगा। मुझे भरोसा है कि मानवता इस महामारी को हरा देगी, लेकिन यह तभी होगा, जब अधिकतर जनसंख्या को वैक्सीन लगा दी जाएगी। तब तक जिंदगी सामान्य ढर्रे पर नहीं लौट सकेगी।

खेल लगभग खाली स्टेडियम में ही होंगे

गेट्सके मुताबिक, भले ही सरकार घर पर ही रहने के आदेश को वापस ले ले और व्यापार अपने दरवाजे खोल दे, लेकिन लोग सामान्य तौर पर खुद को बीमारी की चपेट में आने से बचाने की कोशिश करेंगे ही। हवाईअड्‌डों पर भारी भीड़ नहीं होगी। खेल लगभग खाली स्टेडियमों में ही होंगे। दुनिया की अर्थव्यवस्था दबी ही रहेगी, क्याेंकि मांग कम रहेगी और लोग अधिक कंजूसी से खर्च करेंगे। जैसे ही विकसित देशों में महामारी धीमी हाेगी, वे विकासशील देशों की तरह गति बढ़ाएंगे। हालांकि, उनका अनुभव सबसे खराब होगा। गरीब देशों में जहां बहुत ही कम काम दूर बैठकर हो सकते हैं, वहां सामाजिक दूरी के उपाय भी काम नहीं कर पाएंगे।

सुरक्षित तभी होंगे जब प्रभावी समाधान होगा

गेट्समानते हैं कि वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ेगा और स्वास्थ्य तंत्र संक्रमितों की देखभाल नहीं कर सकेगा। न्यूयॉर्क जैसे कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित शहरों का डेटा दिखाता है कि मैनहट्‌टन के एक अकेले अस्पताल में ही अधिकतर अफ्रीकी देशों की तुलना में ज्यादा इंटेंसिव केयर बेड उपलब्ध हैं।दसियों लाख लोग मर सकते हैं। अमीर देश इसमें मदद कर सकते हैं। उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि अतिआवश्यक सप्लाई सिर्फ बड़ी बोली लगाने वाले को ही न दी जाए।लेकिन, अमीर व गरीब देशों के लोग समान रूप से तभी सुरक्षित होंगे, जब हमारे पास इस बीमारी का प्रभावी मेडिकल समाधान यानी वैक्सीन उपलब्ध होगी।

दुनियाभर में उपलब्ध संस्थानों में वैक्सीन बन रही होंगी

उन्होंने कहा,अगले एक साल तक मेडिकल शोधकर्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण लोगों मेें शामिल होंगे। मुझे उम्मीद है कि 2021 के मध्य के बाद दुनियाभर में उपलब्ध संस्थानों में वैक्सीन बन रही होंगी। अगर ऐसा होता है तो यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी- जब मानव पहली बार इतनी तेजी से एक नई बीमारी को पहचानने और फिर उसके खिलाफ प्रतिरक्षण का काम करेगा। वैक्सीन पर प्रगति के अलावा इस महामारी से दो अन्य बड़ी मेडिकल उपलब्धियां भी हासिल होंगी। एक जांच के क्षेत्र में होगी। अगली बार जब कोई नया वायरस उभरेगा तो लोग संभवत: उसकी घर पर वैसे ही जांच कर सकेंगे, जैसे वे प्रेगनेंसी की जांच करते हैं। बस उन्हें अपनी नाक के भीतर से स्वैब लेना होगा।

रिसर्चर अब एंटीवायरल की बड़ी लाइब्रेरियां विकसित करेंगे
गेट्स का मानना है कि रिसर्चर अब एंटीवायरल की बड़ी और विविधता वाली लाइब्रेरियां विकसित करेंगे, ताकि किसी भी नए वायरस के आने पर वे इन्हें तेजी से स्कैन करने और प्रभावी इलाज तलाशने में सक्षम हों। वैज्ञानिकों का लंबे समय से मानना है कि एमआरएनए वैक्सीन हमें कैंसर की एक संभावित वैक्सीन की ओर ले जा सकती है। लेकिन, कोविड-19 तक इस पर व्यापक अनुसंधान नहीं हुआ है कि वे किस तरह से इसे लोगों को वहन करने योग्य कीमत पर उपलब्ध करा सकते हैं। दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया के नेताओं ने भविष्य में संघर्षों को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठन बनाए।

नेताओं को अगली महामारी रोकने के लिए संस्थान बनाने चाहिए

गेट्स ने कहा,कोविड-19 के बाद नेताओं को अगली महामारी रोकने के लिए संस्थान बनाने चाहिए। यह राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक संगठनों का मिश्रण होना चाहिए। आज के युद्ध अभ्यासों की तरह ये संगठन नियमित तौर पर ‘जीवाणु अभ्यास’ भी करेंगे। इससे जब कभी किसी चमगादड़ या पक्षी से मनुष्यों पर कोई नया वायरस कूदेगा तो हम तैयार रहेंगे। ये संगठन हमें इस बात के लिए भी तैयार करेंगे कि अगर कोई अपनी लैब में किसी संक्रामक बीमारी को तैयार करके हथियार की तरह उसका इस्तेमाल करता है, तो उससे कैसे निपटना है। महामारी के लिए अभ्यास करने से दुनिया खुद की जैव आतंकवाद जैसी किसी कार्रवाई से भी रक्षा करने में सक्षम होगी।

महामारी ने हमें दिखाया है कि वायरस सीमा कानूनों का पालन नहीं करते
मैं उम्मीद करता हूं कि अमीर देश गरीब देशों को इन तैयारियों में शामिल करेंगे, खासकर मूलभूत हेल्थकेयर सिस्टम स्थापित करने के लिए मदद देकर। यहां तक कि बहुत ही खुदगर्ज व्यक्ति या अलग-थलग सरकारों को भी इस पर सहमत होना चाहिए। इस महामारी ने हमें दिखा दिया है कि वायरस सीमा कानूनों का पालन नहीं करते हैं और हम सब माइक्रोस्कोपिक जीवाणुओं के एक नेटवर्क से आपस में जुड़े हुए हैं। इतिहास हमेशा एक तय ढर्रे पर नहीं चलता। लोग तय करते हैं कि कौन सी दिशा लेनी है और वे गलत मोड़ भी ले सकते हैं। 2021 के बाद के साल बहुत कुछ 1945 के बाद के सालों जैसे ही होंगे। लेकिन आज की सबसे ज्यादा समानता 10 नवंबर 1942 से हो सकती है। ब्रिटेन ने युद्ध में पहली जमीनी लड़ाई जीती थी और विंस्टन चर्चिल के एक भाषण में घोषणा की- ‘यह अंत नहीं है। यह अंत की शुरुआत भी नहीं है। लेकिन यह संभवत: शुरुआत का अंत है।



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बिल गेट्स ने कहा- मैं उम्मीद करता हूं कि अमीर देश गरीब देशों को इन तैयारियों में शामिल करेंगे, खासकर मूलभूत हेल्थकेयर सिस्टम स्थापित करने के लिए मदद देकर। -फाइल फोटो


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वर्क फ्राॅम हाेम के दाैरान कैसे बनाएं स्क्रीन-लाइफ बैलेंस, व्यस्त हाेना ही प्राॅडक्टिव हाेना नहीं; गैजेट के लिए ‘बेड टाइम’ तय करें

कैथरिन प्राइस.बहुत से लाेगाें की तरह आप भी ‘वर्क फ्राॅम हाेम’ कर रहे हैं ताे आप अपना बहुत सा समय स्क्रीन के सामने बिता रहे हाेंगे। लाॅकडाउन और साेशल डिस्टेंसिंग के समय में स्क्रीन बाहरी दुनिया से जुड़ने के लिए हमारी ‘आंखें’ हाे गई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि स्क्रीन के सामने कितना समय बिताना चाहिए? और क्या इस वक्त में स्क्रीन-लाइफ बैलेंस संभव है। संक्षेप में, यह इस वक्त भी संभव है। जानिए किस तरह यह बैलेंस रखा जा सकता है:

  • तय करें कि क्या, कितना जरूरी है: आप घर पर कंप्यूटर के सामने पूरा दिन बिता देते हैं, ताे यह आकलन करने की जरूरत है कि उस काम काे कितने समय में निपटाया जा सकता था। व्यस्त हाेना ही प्राॅडक्टिव हाेना नहीं है। जाे जरूरी है, वही करें। फिर अन्य काम करें।
  • ऑन स्क्रीन मूड कैसा है: स्क्रीन पर समय बिताते समय अपने मूड काे भांपें। यदि आप प्राॉडक्टिव, खुश और शांतचित्त महसूस करते हैं ताे जारी रखें। यदि यह गैरजरूरी और बुरा महसूस कराए ताे समय कम कर दें।
  • ऑफ-स्क्रीन गतिविधियाें की सूची बनाएं: ऐसी चीजाें की सूची बनाएं, जिनके लिए डिवाइस की जरूरत नहीं पड़ती, जिनमें आपकाे मजा आता है। ताकि फ्री टाइममिलते ही आपके पास काम हाे। जैसे घूमना, मेडिटेशन, स्नान, कुकिंग या किताब पढ़ना, संगीत सुनना।
  • दिन के शुरू और रात से पहले दूर रहें: यह अपवाद है, पर आप स्क्रीन पर किए गए काम से भावनात्मक या बाैद्धिक रूप से उत्तेजक हाे सकते हैं। उठते ही स्क्रीन से जुड़ने से दिनभर विचलित रह सकते हैं। रात में ऑन स्क्रीन रहने पर आंखाें पर असर पड़ सकता है।
  • सीमाएं तय करें:स्क्रीन से शारीरिक दूरी बनाना जरूरी है। फाेन काे दूर रखकर चार्ज करें। फाेन के लिए भी ‘बेड टाइम’ तय करें। नाेटिफिकेशन काे कम से कम करें। समस्या पैदा करने वाले एप डिलीट कर दें। अलग-अलग डिवाइस के लिए अलग-अलग काम तय करें। जैसे ईमेल डेस्कटाॅप कंप्यूटर पर ही चेक करेंगे। साेशल मीडिया के लिए फाेन या आईपैड का ही इस्तेमाल करेंगे।
  • नियमित ब्रेक लें: स्क्रीन से हटकर समय बिताएं। बिना फाेन घूमने जा सकते हैं। राेज डिजिटल विश्राम ले सकते हैं। हफ्ते में एक दिन या एक रात भी स्क्रीन से दूर रह सकते हैं।


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स्क्रीन से शारीरिक दूरी बनाना जरूरी है। फाेन काे दूर रखकर चार्ज करें। नाेटिफिकेशन काे कम से कम करें। -प्रतीकात्मक फोटो


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Sunday, April 26, 2020

दुनिया के 50 देशों में 6300 से अधिक भारतीय कोरोना वायरस से संक्रमित, 40 की मौत

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैला हुआ है। भारत में संक्रमित लोगों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है और सरकार हर संभव कोशिश कर रही है कि कोरोना संक्रमित लोगों को इलाज मिल सके। लेकिन

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हम अक्षय रहना चाहते हैं तो हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी धरती अक्षय रहे: पीएम मोदी

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लॉकडाउन के दौरान दूसरी बार रेडियो पर अपने 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित किया है। इस मौके पर उन्होंने देशवासियों को अक्षय तृतीया पर शुभकामनाएं भी दी हैं और कहा है कि इस

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Mann Ki Baat Highlights: पीएम मोदी की अपील- रमजान में करें ज्यादा इबादत, ताकि ईद से पहले कोरोना हो खत्म

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देश को संबोधित किया, आज अप्रैल महीने का आखिरी रविवार है, बता दें कि 'मन की बात' कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को ही

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रेजिडेंट डॉक्टरों को होटल में रुकवाए सरकार, एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

नई दिल्ली: भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1990 नए मामले आए हैं, जिसके बाद संक्रमित लोगों की संख्या अब 26498 हो गई है। वहीं अभी तक कोरोना वायरस से 824 लोगों की मौत हुई है। कोरोना से चल

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कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सवा करोड़ कोरोना वॉरियर जुड़ चुके हैं: पीएम

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ पूरा देश एकजुट होकर लड़ रहा है। तमाम स्वास्थ्यकर्मी, मेडिकल सेवा में जुड़े लोग, पुलिसकर्मी, समाजसेवी संगठन सहित हर वर्ग के लोग इस लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इन तमाम कोरोन वॉरियर्स

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मौत की अफवाह के बीच किम जोंग उन की विशेष ट्रेन को देखा गया है

नई दिल्ली। नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की सेहत को लेकर तमाम तरह की अटकलें चल रही हैं। इस बीच किम जोंग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल नॉर्थ कोरिया के इस्टर्न कोस्टल शहर वोंसन में किम

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लॉकडाउन के चलते सरकारी स्कूल में ठहरी थी महिला, तीन लोगों ने किया गैंगेरप

जयपुर: एक ओर पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर लॉकडाउन में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से आया है, जहां लॉकडाउन में फंसी एक महिला

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वायरल वीडियो में सिपाही को उठक-बैठक कराने वाले अधिकारी का हुआ प्रमोशन

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के चलते देश में लॉकडाउन है। लेकिन इस लॉकडाउन में भी कई अधिकारी ऐसे हैं जिनका वीवीआईपी रौब कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बिहार के अररिया जिले में जब होमगार्ड ने एक अधिकारी ने

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भारत में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 26496, पिछले 24 घंटों में 49 की मौत, 1990 नए मामले

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में लगातार बढ़ रहा है। हर रोज इस वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई है कि भारत में कोरोना वायरस

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Covid-19 ने हमें आत्मनिर्भर बनना सिखाया है: जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ पूरा देश एकजुट होकर लड़ रहा है। इस वायरस ने हर क्षेत्र में घुसपैठ की है और भारतीय सेना के भी जवानों को संक्रमित किया है। डिफेंस स्टाफ के चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा

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Weather Alert: दिल्ली-NCR में बरसे बादल, इन 8 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में आज सुबह तेज बारिश हुई है, जिससे तापमान में गिरावट हुई है, आज साउथ दिल्ली के मुनिरका ,कटवारिया सराय ,पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर, लक्ष्मी नगर और मयूर विहार

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क्या कोमा में चले गए हैं उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन? हालत को लेकर उठे कई सवाल

नई दिल्ली। नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की सेहत को लेकर पिछले कुछ दिनों से कई तरह की खबरें सामने आ चुकी हैं। दरअसल 12 अप्रैल को किम जोंग उन की हार्ट सर्जरी हुई थी, जिसके बाद से ही

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अब तक 2 लाख मौतें: अमेरिका में 24 घंटे में 2494 लोगों ने दम तोड़ा, कुल आंकड़ा 54 हजार से ज्यादा

दुनिया में कोरोनावायरस से अब तक 29 लाख 20 हजार 954 लोग संक्रमित हैं। दो लाख तीन हजार 272 की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लाख 36 हजार 811 ठीक हुए हैं। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, अमेरिका में 24 घंटे में 2494 लोगों की जान जा चुकी है। देश में मौतों का कुल आंकड़ा 54 हजार 256 हो गया है। वहीं यहां नौ लाख 60 हजार 651 संक्रमित हैं।

कोरोनावायरस : सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देश

देश कितने संक्रमित कितनी मौतें कितने ठीक हुए
अमेरिका 9 लाख60 हजार 651 54 हजार 256 1 लाख 18 हजार 162
स्पेन 2 लाख 23 हजार 759 22 हजार 902 95 हजार 708
इटली 1 लाख 95 हजार 351 26 हजार 384 63 हजार 120
फ्रांस 1 लाख 61 हजार 488 22 हजार 614 44 हजार 594
जर्मनी 1 लाख 56 हजार 513 5 हजार 877 1 लाख 9 हजार 800
ब्रिटेन 1 लाख 48 हजार 377 20 हजार 319 उपलब्ध नहीं
तुर्की 1 लाख 7 हजार 773 2 हजार 706 25 हजार 582
ईरान 89 हजार 328 5 हजार 650 68 हजार 193
चीन

82 हजार 827

4 हजार 632 77 हजार 346
रूस 74 हजार 588 681 6 हजार 250

ये आंकड़ेhttps://ift.tt/37Fny4L से लिए गए हैं।

अमेरिका: ट्रम्प ने प्रेस ब्रीफिंग बंद की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना को लेकर व्हाइट हाउस में होने वाले डेली प्रेंस ब्रीफिंग को बंद कर दिया है। उन्हें ट्वीट किया- प्रेंस ब्रीफिंग का कोई मतलब नहीं है। इसकी कोई उद्देश्य नहीं रह जाता, जब पक्षपाती मीडिया शत्रुतापूर्ण सवालों के अलावा कूछ नहीं पूछता और फिर सच्चाई या तथ्यों की सही रिपोर्टिंग नहीं करता। उन्हें उससे रेटिंग्स मिलती हैं और अमेरिकी नागरिकों को फेक न्यूज के अलावा कूछ नहीं मिलता। इसमें समय देना बेकार है। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रम्प कई बार पत्रकारों से उलझते भी नजर आए हैं। उन्होंने शुक्रवार को किसी सवाल का जवाब नहीं दिया था और वहां से बाहर चले गए थे।

ब्रिटेन: पीएम जॉनसन सोमवार से ऑफिस लौटने को तैयार
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोना से ठीक होने के बाद सोमवार से अपना कामकाज फिर से संभाल लेंगे। वे लंदन के सेंट थॉमस अस्पला में करीब दो हफ्ते तक भर्ती रहे थे। उनकी गैरमौजूदगी में विदेश मंत्री डोमिनिक रॉब उनका कार्यभार संभाल रहे थे। स्काई न्यूज के मुताबिक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डॉक्टरों की सलाह पर सोमवार के रोजाना होने वाली डाउनिंग स्ट्रीट समाचार सम्मेलन की मेजबानी कर सकते हैं।

कनाडा: 45 हजार संक्रमित
कनाडा में 24 घंटे में 100 लोगों की मौत हुई है। यहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 45 हजार 300 हो गई है। सरकार ने शनिवार को जारी किए आंकड़ों में बताया कि कनाडा में अब तक 2465 मौत हो गई है। ओंटारियो (800) और क्यूबेक (1440) सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। शनिवार को कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत ने बताया कि वे प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाना शुरू कर रहा है, जिसके बाद यह पहला प्रांत है जो फिर से खुलेगा।

अल्जीरिया: 3256 संक्रमित
अल्जीरिया में शनिवार को 129 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3256 हो गई है। इसी बीच, कोरोना से चार नई मौतें सामने आई हैं। यहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 419 हो गई है। ‘डिटेक्शन और फॉलो-अप कमीशन’ के प्रमुख जिमल फोरर ने यह जानकारी दी। अल्जीरिया में पहला मामला 25 फरवरी को सामने आया था। इसके प्रसार को रोकने के लिए अल्जीरिया प्रशासन ने 29 अप्रैल तक देशभर में लॉकडाउन किया है।



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अमेरिका के न्यूयॉर्क में टाइम्स स्कॉएर से गुजरते लोग। राज्य में अब तक 21 हजार से ज्यादा जान जा चुकी है।


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Covid 19: अमेरिका में पिछले 24 घंटों में 2494 लोगों की मौत

वॉशिंगटन डीसी। कोरोना वायरस का तांडव लगातार अमेरिका में जारी है, कोविड 19 की वजह से अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 2,494 लोगों की मौत हुई है, जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय द्वारा शनिवार रात को बताए गए आंकड़ों के अनुसार अमेरिका

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सरकार के इस आदेश के बाद तमिलनाडु में उड़ी लॉकडाउन की धज्जियां, लोगों ने जमकर की खरीददारी

नई दिल्ली। तमिलनाडु में सरकार ने शुक्रवार को पांच शहरों में 26 अप्रैल से सख्त लॉकडाउन लागू करने का फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले से लोगों ने शनिवार को जमकर खरीददारी की। उन्हें डर था कि लॉकडाउन के चलते

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कोरोना का असर! समुद्री लहरों से उठी नीले रंग की दुर्लभ रोशनी, 60 साल में दिखा ऐसा नजारा

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। दुनिया के दिग्गज देश आज इस महामारी की चपेट में हैं और चीन, इटली, ईरान, स्पेन, अमेरिका सहित कई देशों में बड़ी संख्या में लोगों की जान इस वायरस

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अमेरिका में किराएदारों को जबरदस्ती बाहर निकाल रहे, किराया न चुका पाने से बढ़ रहा है बेघर होने का खतरा

एलाना सैमुअल्स.कोरोना वायरस-कोविड-19 का भयानक प्रकोप झेल रहे अमेरिका में किराए के मकानों में रहने वाले लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। मकान मालिक उन्हें घर से बाहर निकाल रहे हैं। कई राज्यों और शहरों में मकान खाली कराने पर रोक है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है। हाउसिंग वकीलों ने बताया कि देशभर में ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई है। जिन लोगों ने किराया नहींं चुकाया है, मकान मालिक उन्हें जबरदस्ती बाहर कर देते हैं।

दूसरे सप्ताह तक केवल 69% किराएदारों ने किराया चुकाया था
राष्ट्रीय मल्टी फेमिली हाउसिंग कौंसिल के अनुसार, अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक केवल 69% किराएदारों ने किराया चुकाया था। मार्च में यह आंकड़ा 81% था। अटलांटा लायर्स फाउंडेशन होम प्रोजेक्ट के डायरेक्टर कोल थेलर कहते हैं, लैंडलॉर्ड का धैर्य जवाब दे रहा है। फाउंडेशन कम आय के लोगों को कानूनी सहायता देता है। थेलर से एक सप्ताह में तीन-चार लोग इस संबंध में मदद के लिए संपर्क करते हैं। आर्थिक गतिविधियां बंद होने से लोगों की आय प्रभावित हुई है। किराएदार और मकान मालिकों को भी इस स्थिति का सामना करना पड़ा है। फिर कानूनों को लेकर भ्रम की स्थिति है।

मकान मालिक किराएदारों को मकान खाली करने के नोटिस दे सकते हैं

कोलंबिया लॉकॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर एमिली बेनफेर के अनुसार, 41 राज्यों में मकान मालिक किराएदारों को मकान खाली करने के नोटिस दे सकते हैं। जिन किराएदारों को नोटिस मिलते हैं, उनमें से कुछ मकान खाली कर देते हैं जबकि खाली कराने पर रोक लगी है। संसद के एक सदन- कांग्रेस द्वारा पास केयर्स एक्ट में 120 दिन तक मकान खाली कराने पर रोक है। यह केवल उन मकानों पर लागू होता है जो सरकारी गारंटी के कर्ज पर लिए गए हैं। अर्बन इंस्टीट्यूट के अनुसार इस तरह की आवासीय संपत्तियां सिर्फ चार में से एक हैं।

20 राज्यों ने मकान खाली कराने के खिलाफ कानून बना रखे हैं
केवल 20 राज्यों ने मकान खाली कराने के खिलाफ कानून बना रखे हैं। सिर्फ कनेक्टीकट और हैम्पशायर ने हर तरह के कदम उठाने पर रोक लगाई है। बेनफर का कहना है, कुछ राज्यों ने ही सभी तरह की रोक लगा रखी है। अलास्का, मैरीलैंड सहित कुछ राज्यों में किराएदार को सबूत देना पड़ता है कि उनकी आर्थिक तंगी का कोविड-19 से संबंध है। कोलोरेडो, ओहायो ने खाली कराने की कार्रवाई स्थानीय प्रशासन पर छोड़ दी है। अरकंसास में अदालत ऐसे मामलों में फैसला करती हैं।

कनेक्टीकट में किराएदार को किराया चुकाने के लिए समय दिया जाता है
कई स्थानों में शैरिफ कोविड-19 प्रकोप से पहले मंजूर किए गए मामलों में खाली कराने की कार्रवाई कर रहे हैं। कनेक्टीकट में किराएदार को रोक खत्म होने के बाद भी किराया चुकाने के लिए कुछ समय दिया जाता है। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में हाउसिंग का अध्ययन करने वाली एलिएजा दुराना कहती हैं, एक बार अदालतों के खुलने के बाद मकान खाली कराने के मामलों की बाढ़ आ जाएगी। मकान मालिकों का कहना है, उनकी माली हालत भी खराब है। बड़ी संख्या में लोग किराया नहीं दे रहे हैं। ओरलैंडो जैसे शहरों में समूची इमारतों में बेरोजगार लोग रहते हैं। नेशनल अपार्टमेंट एसोसिएशन के सीईओ बॉब पिनेगर बताते हैं, थीम पार्क जैसी जगहों पर तो सभी लोग बेरोजगार हो चुके हैं।

कानून को लेकर कई राज्यों में भ्रम

  • मार्च की तुलना में अप्रैल में किराया न चुकाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी।
  • मकान खाली कराने के नियमों से कई राज्यों में भ्रम की स्थिति बनी और विवाद भी बढ़ने लगे हैं।
  • कुछ किराएदार नोटिस मिलने के बाद विवाद से बचने के लिए फौरन मकान खाली कर देते हैं।
  • ओरलैंडो समेत कुछ बड़े शहरों में कई बिल्डिंग के पूरे किराएदार बेरोजगार हो चुके हैं।
  • वकीलों के पास जबरिया मकान खाली कराने के मामले आ रहे हैं।
  • किराएदारों को कोरोना वायरसके कारण आर्थिक तंगी होने का सबूत देना पड़ता है।

((टाइम और टाइम लोगो रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क हैं। इनका उपयोग अनुबंध के तहत किया गया है।)



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हाउसिंग वकीलों ने बताया कि देशभर में ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई है। जिन लोगों ने किराया नहींं चुकाया है, मकान मालिक उन्हें जबरदस्ती बाहर कर देते हैं।


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मरीज घर बात कर सकें, इसलिए स्मार्टफोन तक दान दे रहे हैं लोग

जेमी दुचार्मे.अमेरिका में न्यूयॉर्क सहित कई शहरों में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों और उनके परिजनके बीच संपर्क कराने के लिए स्मार्टफोन और टेबलेट जैसे गैजेट्स जुटाने का अभियान चल रहा है। भारतीय मूल के दो भाइयों सहित कई कंपनियां इस मुहिम में शामिल हैं। मार्च में न्यूयॉर्क शहर की नर्सों के लिए टेबलेट जुटाने का अभियान शुरू किया गया था। ये नर्स वीडियो कॉल के जरिये मरीजों की उनके परिजनसे बातचीत कराती हैं। यह सुविधा उन लोगों के बहुत काम आई है, जिनके पास स्मार्ट फोन या चार्जर नहीं थे।


गिफ्ट भेजने वाली कंपनी लूप एंड टाई की सीईओ रोडेल कहती हैं कि हमें अहसास हुआ कि कंपनी मरीजों और उनके प्रियजनों के बीच वीडियो कॉल कराने के लिए अस्पतालों को टैबलेट, स्मार्ट फोन भेज सकती है।

एक दर्जन से अधिक महिलाओं ने यह काम हाथ में लिया

रोडेल और एक दर्जन से अधिक महिलाओं की टीम ने इस काम को हाथ में लिया। ये महिलाएं एक-दूसरे से पहले कभी नहीं मिली थीं। उन्होंने कंपनियों से टैबलेट दान करने की अपील की। कुछ अन्य गैजेट्स की खरीद के लिए इंटरनेट पर गोफंडमी अभियान शुरू किया। अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक उन्हें डोनेशन के जरिये 4500 डिवाइस मिल चुके थे।

भारतीय मूल के दो भाइयों ने जुटाए 250 स्मार्टफोन
भारतीय मूल के दो भाइयों- सनी संधू और मनराज सिंह भी दान में मिले स्मार्ट फोन से लोगों को जोड़ने का अभियान चला रहे हैं। वे 250 स्मार्ट फोन जुटा चुके हैं। संधू ने अपने भाई के साथ मिलकर मरीजों को उनके परिवार के लोगों से जोड़ने के लिए स्मार्टफोन जुटाना शुरू किए। उन्होंने मेडिकल छात्रों के साथ मिलकर बाल्टीमोर, न्यूयॉर्क, बोस्टन और वाशिंगटन, फिलाडेल्फिया सहित कई शहरों में यह मुहिम चलाई है।

मेडिकल छात्रों ने भी अभियान शुरू किया

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैनफ्रांसिस्को के मेडिकल छात्रों ने कोविड-19 के समय कनेक्टिवटी नामक अभियान की शुरुआत की है। वे डोनेशन में मिली 25 टेबलेट के माध्यम से मरीजों के लिए वीडियो कॉल कराते हैं।



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कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैनफ्रांसिस्को के मेडिकल छात्रों ने कोविड-19 के समय कनेक्टिवटी नामक अभियान की शुरुआत की है।


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