Saturday, October 10, 2020

कमला हैरिस जानती हैं चुनाव जीतने का हुनर, उन्होंने ट्रम्प को कठघरे में खड़ा कर दिया; बाइडेन के साथ उनका तालमेल भी बेहतर

थोड़ा पीछे जाकर देखते हैं। फरवरी में ऐसा लग रहा था जैसे प्रेसिडेंट इलेक्शन 2020 सिर्फ विचारधारा के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। दो बिल्कुल अलग विचारधाराओं के बीच। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प खुद को लोकप्रिय और ताकतवर नेता मानते हैं। वे इससे जुड़े मुद्दों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। दूसरी तरफ डेमोक्रेट्स हैं। वे हेल्थ केयर और न्यू ग्रीन डील जैसे मुद्दे भी लेकर आए। कुल मिलाकर एक तरफ राजनीति थी और दूसरी तरफ संस्कृति। इन दोनों के मेल पर चुनाव जाता दिख रहा था।

बदल गई तस्वीर
लेकिन, अब तस्वीर बिल्कुल बदली हुई नजर आ रही है। अब लग रहा है कि जैसे यह चुनाव अमेरिकी इतिहास का पहला ऐसा चुनाव है जहां विचारधारा की कोई जगह नहीं बची। सिर्फ दो मुद्दे नजर आ रहे हैं और दोनों को करंट अफेयर्स कहा जाएगा। पहला- ट्रम्प से कैसे छुटकारा पाया जाए। दूसरा- कोरोनावायरस को कैसे हराया जाए। ये बदलाव तीन स्तर पर आया। पहला- डेमोक्रेट्स के प्राइमरी वोटर्स ने ट्रम्प को हराने का फैसला किया। दूसरा- महामारी से कैसे निपटा जाए। तीसरा- जो बाइडेन और कमला हैरिस की रणनीति।

डिबेट में कमला हैरिस शानदार रहीं
बाइडेन और कमला हैरिस ने बहुत प्रोफेशनल तरीके से कैम्पेन चलाया। उन्होंने मीडिया को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। बल्कि, उस बड़े वर्ग पर फोकस किया जो परेशान हो चुका है। मिडिल क्लास लोगों तक पहुंच बनाई। फ्लोरिडा में रिटायर लोगों से मिले। और हर उस जगह तक पहुंचे, जहां लोग अपनी बात कहना चाहते थे। डेमोक्रेट्स की क्या रणनीति है? इसे आप उनके डिबेट परफार्मेंस में देख सकते हैं। लोग सवाल कर रहे हैं कि वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट में कौन जीता? लेकिन, बड़ा सवाल ये है कि किसने इलेक्शन स्ट्रैटेजी के हिसाब से परफॉर्म किया। यहां कमला हैरिस साफ तौर पर आगे नजर आईं। रिपब्लिकन पार्टी और माइक पेन्स के पास कोई रणनीति ही नहीं थी।

हैरिस ने कमजोरियां दूर कर लीं
पिछले साल हैरिस ने डेमोक्रेट्स की डिबेट में हिस्सा लिया। कुछ लोगों ने उनकी काबिलियत पर सवाल उठाए। बतौर वकील उनके रिकॉर्ड का जिक्र किया गया। लेकिन, इसके बाद उन्होंने काफी मेहनत की। और ये फर्क अब साफ नजर आता है। पिछले साल उन्हें सीनेट का सबसे लिबरल मेंबर कहा गया था। उन्होंने न्यू ग्रीन डील का समर्थन किया। मेडिकेयर फॉर ऑल के साथ खड़ी नजर आईं। लेकिन, बुधवार को डिबेट में वे अलग दिखीं। कोविड-19 के मुद्दे पर उन्होंने ट्रम्प को कठघरे में खड़ा कर दिया। गर्भपात को महिला का अधिकार बताया। सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति पर तर्क दिए। ओबामा केयर बिल का समर्थन किया।

नस्लवाद पर बहुत सावधानी से बोलीं
नस्लवाद और न्याय की बात हुई तो उन्होंने इसे सिस्टम का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया और बताया कि बतौर वकील वे इसे कैसे देखती हैं। विवादित बातों से वे बचती नजर आईं। इकोनॉमी से लेकर ग्रीन डील और फ्री कम्युनिटी कॉलेज पर भी बोलीं। रिपब्लिकन अकसर बाइडेन को कमजोर उम्मीदवार बताते हुए तंज कसते हैं। हैरिस ने इसका भी जवाब दिया। उन्होंने इशारों-इशारों में ये भी साफ कर दिया कि चुनाव जीतने के बाद उनका झुकाव वामपंथियों की तरफ होगा। बाइडेन और कमला हैरिस की जोड़ी दिखा रही है कि वे नए सिरे से शुरुआत करने में सक्षम हैं।



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Kamala Harris VP Debate | Democratic Vice-Presidential Nominee Senator Kamala Harris Knows Very Well How To Win US Chunav


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फ्रांस में एक दिन में 20 हजार से ज्यादा मामले, सरकार ने माना- हालात खराब हो रहे हैं; दुनिया में 3.70 करोड़ केस

दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.70 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 78 लाख 84 हजार 835 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10.78 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। फ्रांस में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और यह बात अब वहां की सरकार ने भी मान ली है। शुक्रवार को यहां 20 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए।

फ्रांस : 24 घंटे में 20 हजार मामले
फ्रांस में नेशनल हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने शुक्रवार एक बयान में माना कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर बेहद तेजी से फैल रही है। एक ही दिन में यहां 20 हजार 339 हजार नए संक्रमित सामने आए। गुरुवार को भी 18 हजार 129 संक्रमित मिले थे। इसके पहले सोमवार को 18 हजार 746 मामले सामने आए थे। अब सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रतिबंधों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक अलग बयान में कहा- हम कुछ लोगों की वजह से दूसरे और बड़े समुदाय की जिंदगी खतरे में नहीं डाल सकते। ये मुश्किल वक्त है और नियमों का सही तरीके से पालन करना होगा। हॉस्पिटल में इस वक्त 7 हजार 864 लोग हैं। सरकार की दिक्कत है कि एक हफ्ते में यह संख्या 2 हजार से ज्यादा बढ़ी है। हेल्थ मिनिस्टर ओलिवर वेरन ने कहा- हमारी अपील है कि लोग प्रतिबंधों और कोरोनावायरस के साथ रहना सीखें। हम जितनी ज्यादा सावधानियां रखेंगे, उतना ज्यादा संक्रमण को रोका जा सकेगा।

यूरोप : खतरे के संकेत
यूरोप में संक्रमण की दूसरी लहर के तहत अब तक एक लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। ब्रिटेन, रूस, स्पेन और फ्रांस इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि सरकार सोमवार को नए प्रतिबंधों का ऐलान कर सकती है। ताजा प्रतिबंधों का असर जल्द देखने मिल सकता है। माना जा रहा है कि बोरिस जॉनसन सरकरका बार, पब और रेस्टोरेंट्स बंद करने जा रही है। हालांकि, लंदन में शायद ये प्रतिबंध लागू न हों। सरकार पर इकोनॉमी को खुला रखने का भी दबाव है।

बुधवार को ब्रिटेन के एक स्कूल में जाते बच्चे। यहां एक रिसर्च में सामने आया है कि स्कूल और कॉलेज खुलने के बाद से संक्रमण में तेजी आई है।

न्यूजीलैंड : चुनावी फायदा
ब्लूमबर्ग में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमण पर काबू पाने के मामले में न्यूजीलैंड अब तक सबसे कामयाब देश रहा है। यहां की सरकार ने बेहतरीन काम किया और दुनिया के बड़े बिजनेस लीडर्स भी इस बात को मान रहे हैं। इतना ही नहीं ये लोग यहां इन्वेस्टमेंट प्लान भी कर रहे हैं। यहां इकोनॉमिक रिकवरी रेट भी दूसरे देशों से बहुत बेहतर है। इसके लिए जो इंडेक्स रेटिंग जारी की गई है, उसमें न्यूजीलैंड को 238, जापान को 204 और ताइवान को 198 नंबर दिए गए हैं। अमेरिका 10वें नंबर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, जेसिंड अर्डर्न की सरकार ने इतना बेहतर काम किया है कि वे दूसरा चुनाव जीत सकती हैं।

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोविड-19 संक्रमण को काबू करने में उनकी सरकार ने बेहतरीन काम किया है और इसका फायदा उन्हें चुनाव में मिलना तय है।


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शुक्रवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस के एक बाजार में मौजूद पुलिसकर्मी। देश में शुक्रवार को 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब विरोध की परवाह नहीं की जाएगी और प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जाएगा।


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जम्मू-कश्मीरः कुलगाम में सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया, मुठभेड़ जारी

कुलगाम। जम्‍मू-कश्‍मीर के कुलगाम जिले के चिनगाम इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर जारी है। जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक आतंकी छिपे हुए हैं और एहतियातन पूरे इलाके को खाली करा दिया गया है। दोनों तरफ से

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पटना में आज पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ होगा रामविलास पासवान का अंतिम संस्‍कार

पटना। लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक, कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री रहे राम विलास पासवान का अंतिम संस्‍कार आज पटना में पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ किया जाएगा। आपको बता दें कि रामविलास पासवान के पार्थिव शरीर को शुक्रवार शाम पांच

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ट्रंप के इनकार के बाद 15 अक्‍टूबर को अमेरिका में होने वाली प्रेसिडेंशियल डिबेट रद्द

वाशिंगटन। राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के वर्चुअल डिबेट में हिस्‍सा लेने से इंकार करने के बाद उनके और उनके प्रतिद्वंदी जो बिडेन के बीच 15 अक्‍टूबर को होने वाली डिबेट को रद्द कर दिया गया है। अमेरिका में प्रेसिडेंशियल डिबेट से जुड़े

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चुनाव अभियान में फिर जुटेंगे ट्रम्प; क्या है उन्हें सिर्फ नौ दिन में ठीक करने वाली रीजेनेरन की थैरेपी मोनोक्लोनल एंटीबॉडी?

कोविड-19 महामारी को दुनियाभर में नौ से ज्यादा महीने हो गए हैं। इसने किसी को नहीं छोड़ा। दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प को भी नहीं। दस लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। इतना होने के बाद भी डोनाल्ड ट्रम्प सिर्फ नौ दिन के ट्रीटमेंट में ठीक हो गए हैं।

अब कहा जा रहा है कि वे शनिवार को कैलिफोर्निया में चुनावी रैली को संबोधित कर सकते हैं। जो ट्रम्प शुरू से कोविड-19 को महत्व नहीं दे रहे थे, उन्होंने ही सबसे कम वक्त में उसे हरा दिया। 74 वर्षीय ट्रम्प के खिलाफ उनकी उम्र ही नहीं बल्कि ब्लडप्रेशर, मोटापा और अन्य बीमारियां भी थी, जो कोविड-19 को गंभीर बना सकती थी।

पिछले सोमवार को प्रेसिडेंट के ब्लड सैम्पल लिए गए। उसमें प्रोटेक्टिव एंटीबॉडी मिले हैं। फार्मा कंपनी के मुताबिक, वह रीजेनेरन की एंटीबॉडी थैरेपी का असर था। ट्रम्प ने भी बुधवार को वीडियो में दावा किया कि रीजेनेरन फार्मा की एक्सपेरिमेंटल थैरेपी से ही वे ठीक हुए हैं। अब दवा कंपनी ने फेडरल रेगुलेटर्स से इमरजेंसी यूज के लिए एंटीबॉडी ट्रीटमेंट को अनुमति देने की अपील की है।

क्या है रीजेनेरन और उसकी दवा?

  • सभी जानते हैं कि कोविड-19 मरीजों को ठीक करने के लिए नए-नए एक्सपेरिमेंट्स चल ही रहे हैं। शरीर में वायरस काउंट और रिकवरी टाइम कम करने की कोशिश भी हो रही है। अमेरिकी दवा कंपनी रीजेनेरन का ट्रीटमेंट भी इस समय प्रयोग के दौर में है।
  • रीजेनेरन ने दो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का कॉम्बिनेशन REGN-COV2 बनाया है ताकि SARS-CoV-2 (वायरस जिसकी वजह से कोविड-19 होता है) की इंफैक्ट करने की क्षमता को वह ब्लॉक कर सकें।
  • REGN-COV2 को विकसित करने के लिए वैज्ञानिकों ने हजारों ह्यूमन एंटीबॉडी का इवेल्यूशन किया है। कंपनी ने एक चूहे को मनुष्यों जैसा इम्युन सिस्टम विकसित करने के लिए जेनेटिकली मोडिफाई किया। फिर उससे ह्यूमन एंटीबॉडी ली। जो लोग कोविड-19 से उबर चुके हैं, उनके शरीर से भी एंटीबॉडी ली।

किस तरह काम करती है यह दवा?

  • इस थैरेपी में दो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी REGN10933 और REGN10987 का इस्तेमाल किया गया है जो SARS-COV-2 वायरस को इनएक्टिव करते हैं। इससे उसके शरीर में फैलने की क्षमता रुक जाती है और रिएक्शन टाइम कम हो जाता है।
  • फिलहाल यह दवा शुरुआती ट्रायल के फेज में है। इसे उन इन्फेक्टेड व्यक्तियों में वायरल लोड कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो घर पर इलाज करा रहे हैं। अमेरिका में 275 मरीजों पर इसका इस्तेमाल किया गया है। अगले हफ्ते और 1,300 मरीजों पर इसका इस्तेमाल होगा। यूके में भी मिडिल से मिड-स्केल क्लिनिकल ट्रायल्स चल रहे हैं।
  • मोनोक्लोनल एंटीबॉडी शरीर में किसी पर्टिकुलर सेल से जुड़ते हैं। यह शरीर में इंफेक्शन को फैलने से रोकते हैं। एक्सपर्ट्स को लग रहा है कि जेनेटिकली विकसित एंटीबॉडी कोविड-19 इंफेक्शन को शरीर से लड़कर भगाने में मददगार है।

क्या इससे पहले भी मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का इस्तेमाल किया गया है?

  • हां। मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का इस्तेमाल पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले कुछ कैंसर के खिलाफ भी इसका इस्तेमाल किया गया है। मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को बोन मैरो के प्लाज्मा सेल्स से निकाला जाता है।
  • इसे खास तौर पर वायरस को टारगेट करने और शरीर की नेचुरल एंटीबॉडी को कॉपी करने के लिए विकसित किया गया है। एंटीबॉडी ट्रीटमेंट्स इससे पहले रैबीज, हेपेटाइटिस बी में भी किए गए हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजे सामने नहीं आए हैं।

वैक्सीन के आने से पहले क्या एंटीबॉडी ट्रीटमेंट कारगर है?

  • वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के एंटीबॉडी ट्रीटमेंट वैक्सीन की उपलब्धता और सेफ्टी के अंतर को दूर कर सकते हैं। इन्हें बनाना आसान है। इसकी इफेक्टिवनेस भी अच्छी है। यह उन ग्रुप्स में भी अच्छे नतीजे दे सकता है जिन पर वैक्सीन अच्छी नहीं होती। यह मॉर्टेलिटी रेट को ऊपर जाने से रोक सकते हैं।
  • इससे पहले जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने भी कॉन्वलेसेंट प्लाज्मा (एंटीबॉडी-रीच ट्रीटमेंट) पर काम किया है ताकि कोविड-19 इंफेक्शन को रोका जा सके और रिकवरी टाइम को कम किया जा सके।

क्या इसके किसी तरह के खतरे भी हैं?

  • एंटीबॉडी ट्रीटमेंट की दवाएं और थैरेपी शरीर के इम्युन रिस्पॉन्स को मजबूत करते हैं, लेकिन इस बात के कोई सबूत नहीं है कि एंटीबॉडी ट्रीटमेंट से कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता।
  • प्लाज्मा थैरेपी की ही तरह, एंटीबॉडी ट्रीटमेंट या दवाएं भी कोविड-19 से जूझ रहे प्रत्येक मरीज के लिए सही नहीं है। एलर्जी, टॉक्सिसिटी, चक्कर आना या अन्य साइड-इफेक्ट का खतरा कायम रहता है।


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Donald Trump; Regeneron Coronavirus Antibody Treatment | What Is Regeneron Antibody Drug COVID? All You Need To Know


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Friday, October 9, 2020

दिग्गज मराठी अभिनेता अविनाश खरशिकर का दिल का दौरा पड़ने से निधन, 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

मुंबई। मराठी फिल्मों के मशहूर अभिनेता अविनाश खरशिकर (avinash kharshikar) का गुरुवार को निधन हो गया है। उनके निधन का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक खरशिकर ने महाराष्ट्र के ठाणे में अंतिम सांस ली

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US Presidential Election 2020: शनिवार को फ्लोरिडा में चुनावी रैली करना चाहते हैं ट्रंप

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा है कि वह शनिवार को फ्लोरिडा में एक चुनावी प्रचार रैली करना चाहते हैं। राष्‍ट्रपति ट्रंप दो अक्‍टूबर को कोरोना वायरस पॉजिटिव आए थे। ट्रंप ने फॉक्‍स न्‍यूज के जर्नलिस्‍ट सीन हैनिटी

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शनिवार को होगा रामविलास पासवान का अंतिम संस्कार, आज पटना लाया जाएगा पार्थिव शरीर

नई दिल्‍ली। केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) का गुरुवार को निधन हो गया है, 74 साल के पासवान काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे, हाल ही में उनकी हार्ट सर्जरी भी हुई थी। उनके बेटे और

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Indian Startup Association to ping US group resisting Google, Apple


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रामविलास पासवान के निधन पर तेजस्वी यादव और राबड़ी यादव ने शोक जाहिर किया

नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी की संस्थापक, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को निधन हो गया। राम विलास पासवान 74 वर्ष के थे और पिछले काफी दिनों से दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थे, जहां कल

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ढाई साल की बच्ची को अगवा करने के बाद रेप और टॉचर्र किया, फिर हत्या कर दी; साल के शुरुआती 6 महीनों में बाल यौन हिंसा के 1,489 मामले

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में ढाई साल की बच्ची को अगवा करने के बाद उससे रेप किया गया। इसके बाद उसका कत्ल कर दिया गया। बच्ची के शरीर पर मिले जख्म बताते हैं कि उसे काफी टॉर्चर भी किया गया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस कमिश्नर ने आरोपी की पहचान उजागर करने से इनकार कर दिया। कहा- इससे जांच पर असर पड़ सकता है। इस साल जनवरी से जून के बीच पाकिस्तान में औसतन हर दिन 8 बच्चों के साथ यौन हिंसा के मामले सामने आए।

मैदान में मिला शव
पुलिस के मुताबिक, बच्ची को तीन दिन पहले यानी मंगलवार को अगवा किया गया था। शुरुआती जांच के मुताबिक, बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी। उसे आरोपी ने वहीं से अगवा किया। अगले दिन उसका शव गांव से कुछ दूर एक मैदान में मिला। पोस्टमॉर्टम में रेप और टॉर्चर की पुष्टि हुई। खैबर पख्तूनख्वा के आईजीपी सनाउल्लाह अब्बासी ने कहा- हमने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है।

पुलिस ने सिर्फ किडनैपिंग का केस दर्ज किया
मीडिया के मुताबिक, पुलिस इस केस को दबाना चाहती थी। शुरुआत में जो एफआईआर दर्ज की गई, उसमें सिर्फ किडनैपिंग की धारा थी। बाद में कत्ल की धारा भी जोड़ दी गई। हालांकि, गुरुवार तक रेप की धारा नहीं जोड़ी गई थी। बच्ची के पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने माना है कि कत्ल से पहले बच्ची को काफी टॉर्चर किया गया। उसके शरीर पर काफी जख्म मिले हैं।

पुलिस इसे आपसी रंजिश से जुड़ा मामला मान रही है। हालांकि, बच्ची के पिता ने कहा है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। बच्ची के पिता ने कहा- आज मेरी बेटी के साथ हैवानियत हुई। उसको कत्ल किया गया। कल किसी और बच्ची के साथ भी ऐसा हो सकता है। आरोपी को सजा-ए-मौत दी जानी चाहिए।

दूसरी जैनब
2018 में पाकिस्तान में 8 साल की जैनब को अगवाकर उसके साथ गैंगरेप किया गया था। इसके बाद उसका कत्ल किया गया था। उस घटना ने पाकिस्तान में बवाल मचा दिया था। लोग सड़कों पर उतर आए थे। पुलिस करीब एक महीने बाद आरोपी को गिरफ्तार कर सकी थी। खास बात यह है कि ताजा घटना की शिकार हुई बच्ची का नाम भी जैनब ही है।

द डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के शुरुआती 6 महीनों यानी जनवरी से जून के बीच पाकिस्तान में हर दिन 8 बच्चे यौन शोषण का शिकार हुए। कुल 1489 केस दर्ज हुए। 25 बच्चों का कत्ल किया गया। इनमें 13 लड़के और 12 लड़कियां हैं।



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पाकिस्तान के खैबर पख्तूख्वा में ढाई साल की बच्ची को अगवा करने बाद उससे रेप किया गया। बाद में कत्ल कर दिया गया। गुरुवार को घटना स्थल पर मौजूद पुलिस और स्थानीय लोग।


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Google Play Store's Indian alternatives get a boost


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Handset makers cleared for PLI benefits seek clarity over targets, time frame


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राम विलास पासवान, रघुवंश प्रसाद, जसवंत सिंह समेत 1 महीने में दुनिया को अलविदा कह गए ये राजनेता

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 से ठीक पहले दिग्गज राजनेता, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया राम विलास पासवान( Ram Vilas Paswan) का निधन हो गया। गुरुवार शाम राम विसा पासवान के बेटे चिराग पासवान( Chirag Paswan) ने

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शनिवार से पब्लिक इवेंट्स में हिस्सा ले सकेंगे ट्रम्प, उनके पर्सनल डॉक्टर ने इसके लिए हरी झंडी दी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के डॉक्टर सीन कोनले ने गुरुवार रात कहा कि ट्रम्प शनिवार से सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकेंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो इसके मायने ये हुए ट्रम्प फिर चुनाव प्रचार से जुड़े कार्यक्रमों और दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट में शिरकत कर सकेंगे। डॉक्टर कोनले के इस बयान से कुछ लोगों को हैरानी भी हुई। क्योंकि, उन्होंने ये भी कहा कि ट्रम्प ने इलाज पूरा कर लिया है। ट्रम्प ने 2 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे बताया था कि वे और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

निगेटिव कब हुए
इस मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि ट्रम्प और उनके डॉक्टर ने यह तो बताया कि वे पॉजिटिव कब हुए। लेकिन, वे अब तक यह साफ करने से बच रहे हैं कि ट्रम्प की रिपोर्ट निगेटिव कब आई। व्हाइट हाउस के प्रेस डिपार्टमेंट ने भी इस बारे में कुछ नहीं कहा। शुक्रवार को ही राष्ट्रपति को मेरीलैंड के वॉल्टर रीड मेडिकल सेंटर में एडमिट कराया गया था। यह अमेरिकी आर्मी का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है। सोमवार को उन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद से ही ट्रम्प काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं।

सेहत पर सवाल
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में साफ तौर पर यह बताया जाता रहा है कि इलाज के दौरान ट्रम्प को ऑक्सीजन देनी पड़ी थी। उनका ब्लड ऑक्सीजन लेवल भी कम हो गया था। उनके लंग्स यानी फेफड़ों में भी संक्रमण की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, डॉक्टर कोनले से जब गुरुवार रात इस बारे में सवाल किए गए तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सिर्फ इतना कहा कि राष्ट्रपति की हालत स्थिर है।

पब्लिक इवेंट्स में जाने की मंजूरी
शनिवार से राष्ट्रपति पब्लिक इवेंट्स में हिस्सा ले सकेंगे। खबरें ये हैं कि ट्रम्प गुरुवार को संक्रमित हुए थे। कोनले कहते हैं- मैं उम्मीद करता हूं कि शनिवार से राष्ट्रपति लोगों से मिल सकेंगे और पब्लिक इवेंट्स में हिस्सा ले सकेंगे। सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी सीडीसी का कहना है कि कोई भी व्यक्ति जिसे पॉजिटिव पाया गया हो, वो 10 दिन तक खुद को आइसोलेशन में रखे। जिन लोगों में संक्रमण का लक्षण ज्यादा हैं, उन्हें 20 दिन आइसोलेट होने को कहा जाता है।

डिबेट पर नजर
व्हाइट हाउस के एक सूत्र के मुताबिक, राष्ट्रपति ने शनिवार से होने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इस बारे में गुरुवार को एक मीटिंग भी हुई। ट्रम्प के कैम्पेन मैनेजर ने भी साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं। कमिशन ऑफ प्रेसिडेंशियल डिबेट यानी सीपीडी कह रहा है कि डिबेट वर्चुअल भी हो सकती है। लेकिन, ट्रम्प इसके लिए तैयार नहीं हैं। इस बारे में अंतिम फैसला होना बाकी है।



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डोनाल्ड ट्रंप ने वर्चुअल प्रेसिडेंशियल डिबेट में हिस्सा लेने से किया इनकार, बोले- यह समय की बर्बादी

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन के साथ वर्चुअल डिबेट नहीं करेंगे। डिबेट कमीशन ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए वर्चुअल डिबेट कराने की बात कही है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने इसमे

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राम विलास पासवान, रघुवंश प्रसाद, जसवंत सिंह समेत 1 महीने में दुनिया को अलविदा कह गए ये राजनेता

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 से ठीक पहले दिग्गज राजनेता, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया राम विलास पासवान( Ram Vilas Paswan) का निधन हो गया। गुरुवार शाम राम विसा पासवान के बेटे चिराग पासवान( Chirag Paswan) ने

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गुजरात में 3 नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण, आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। गुजरात में तीन नाबालिग लड़कियों के साथ रेप करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार यह घटना गुजरात के वड़ोदरा के मकरपुरा की है, जहां आरोपी ने तीन नाबालिग लड़कियों के साथ

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कोरोना पॉजिटिव मेरे मरीज सांस नहीं ले पाते, वे डर से कांप रहे हैं; और ट्रम्प कहते हैं- इससे डरने की कोई जरूरत नहीं

कल्पना कीजिए, कि आप सांस लेना चाहते हैं और कोशिश करने के बाद भी हवा आपके फेफड़ों में नहीं पहुंच पा रही है। सोमवार को एक ऐसा ही मरीज मेरे इमरजेंसी रूम में आया। उसने कहा- डॉक्टर मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं। मैंने उसका कोरोना टेस्ट कराया। कुछ देर बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसकी आंखों में मायूसी साफ तौर पर देखी जा सकती थी। उसने मेरी तरफ देखा। फिर सहमी हुई आवाज में पूछा- क्या मैं ठीक हो पाउंगा?

ऐसी ही कई कहानियां या घटनाएं मेरे मिशिगन स्थित क्लिनिक में रोज होती हैं। मेरा हॉस्पिटल व्हाइट हाउस से 1126 किलोमीटर दूर है। ये तब और दूर महसूस होता है जब मैं देखता हूं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हॉस्पिटल में रिसीव करने के लिए सफेद कोट में डॉक्टर कैसे तैयार खड़े थे। वे हेलिकॉप्टर से आए और उससे ही लौट भी गए।

मेरे मरीज इसलिए डरते हैं..
राष्ट्रपति व्हाइट हाउस पहुंचने के बाद ट्वीट में कहते हैं- कोविड या कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। लेकिन, मैं जानता हूं कि मेरे पास आने वाले पेशेंट्स घबराए हुए होते हैं। उनका सबसे बड़ा डर या कहें हालत यह होती है कि वे सांस नहीं ले पा रहे हैं। मेरे पास आने वाले मरीजों को बहुत बेहतर हेल्थकेयर नहीं मिल पाती। जैसी ट्रम्प को मिली। उनको डर इस बात का भी होता है कि अमेरिका में इस बीमारी की वजह की वजह से अब तक 2 लाख 11 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इनमें से कुछ युवा थे, एक दिन पहले तक स्वस्थ थे और अगले एक या दो हफ्ते में मौत का शिकार बन गए।

यही तो ट्रम्प को वोट देते हैं
20 साल से मैं प्रैक्टिस कर रहा हूं। इस छोटी सी जगह में कई लोग मेरे इमरजेंसी रूम में आते हैं। मैं जानता हूं कि इनमें से दो तिहाई ऐसे हैं जिन्होंने ट्रम्प को राष्ट्रपति बनाया। कई लोग उनकी पार्टी का फ्लैग लेकर घूमते नजर आएंगे। ये लोग ट्रम्प के हर शब्द पर भरोसा करते हैं। नियमों को मानने के लिए कोई दबाव नहीं है। हमारे क्षेत्र में कई लोग ऐसे मिल जाएंगे जो न मास्क लगाते हैं और न छह फीट की दूरी रखते हैं।

खतरा समझना होगा
छोटी जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग करने अपनेआप हो जाती है। सितंबर की शुरुआत में जब स्कूल खुले तो संक्रमण के मामले बढ़ने लगे। बच्चे और युवा भी संक्रमित हुए। लेकिन, राष्ट्रपति कहते हैं कि कोरोना को अपनी जिंदगी पर हावी न होने दें। कुछ बच्चों के पैरेंट्स मेरे पास सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लेकर आए। दुनिया का सबसे ताकतवर शख्स कहता है- मिशिगन को बंद करने की जरूरत नहीं। स्कूल भी खोले जाने चाहिए। अब मिशिगन में इसका नतीजा मैं देख रहा हूं। हमारे पास जरूरत के हिसाब से मास्क नहीं हैं। टेस्टिंग कैपेसिटी का भी यही हाल है।

पूरे अमेरिका में यही हालात
सुविधाओं की कमी पहले जैसी है। आठ महीने पहले अमेरिका में कोविड का पहला मरीज सामने आया था। मेरे अस्पताल में अब भी एन-95 मास्क और टेस्ट किट्स की कमी है। दूसरे राज्यों की तरह मिशिगन भी इसी समस्या से जूझ रहा है। अब मेरे मरीज समझ रहे हैं कि साइंस को न मानने का क्या नतीजा हो सकता है। राष्ट्रपति मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का मजाक उड़ा रहे हैं। बड़ी रैलियां कर रहे हैं।

बीमारी भेदभाव नहीं करती
अगर आप हेल्दी और लकी हैं तो हो सकता है आप स्वस्थ ही रहें। लेकिन, ये भी सही है कि कई बातें अब भी हम नहीं जानते। हम नहीं जानते कि भविष्य में यह वायरस आपके लंग्स, ब्रेन या किडनी को कितना नुकसान पहुंचाएगा। ये भी नहीं जानते कि क्या संक्रमण से उबरने के बाद हमारा इम्यून सिस्टम पहले जैसा हो पाएगा? सच्चाई ये है कि साइंस वक्त लेता है। जो दिख रहा है, फिलहाल उसे सच मानिए। मास्क नहीं पहनेंगे तो संक्रमित होने का खतरा है।

55 साल से ज्यादा उम्र के लोग जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर, मोटापे या डायबिटीज जैसी कोई बीमारी है तो उन्हें खतरा बहुत ज्यादा है। वो गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं, मौत भी हो सकती है।

मुश्किल हैं हालात
मेरे कई मरीज नहीं जानते होंगे कि अमेरिका में जिन 2 लाख 11 हजार लोगों की मौत हुई, उनमें से बमुश्किल 40 हजार ऐसे होंगे जिनकी उम्र 65 से 74 साल के बीच थी। किसी ने नहीं देखा कि ट्रम्प जब हॉस्पिटल से बाहर आए तो उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी या नहीं। उन्हें नहीं मालूम कि एंटी वायरल कॉकटेल या प्लाजमा क्या होता है। हमारी गवर्नर को घर में रहने, मास्क लगाने और भीड़ से बचने की सलाह देनी चाहिए। राष्ट्रपति को भी गंभीरता दिखानी होगी।



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Us Coronavirus Patients On Donald Trump | Today Latest United States Presidential Election 2020 Opinion From NYT


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जर्मनी में अप्रैल के बाद संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले, फ्रांस में भी हालात बिगड़े; दुनिया में 3.67 करोड़ केस

दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.67 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 76 लाख 33 हजार 035 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10.66 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। यूरोप के ज्यादातर देशों में संक्रमण की दूसरी लहर खतरनाक साबित होने लगी है। जर्मनी में एक दिन में चार हजार मामले सामने आए। वहीं, स्पेन सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पहले से ज्यादा सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

जर्मनी : एक दिन में 4 हजार मामले
जर्मनी की हेल्थ बॉडी रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट ने गुरुवार रात जारी एक बयान में माना कि देश में संक्रमण खतरनाक स्तर पर पहुंचने लगा है। यहां एक दिन में 4 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इस हेल्थ बॉडी ने इनके 10 हजार प्रतिदिन तक पहुंचने की आशंका जताई है। हेल्थ मिनिस्टर जेन्स स्पाहन ने कहा- हमने मुश्किल हालात में भी बहुत बेहतर काम कर दिखाया है। संक्रमण को जल्द ही काबू में करने के लिए प्लान तैयार है। इसके लिए सभी समुदायों से भी बातचीत की जा रही है। बर्लिन और फ्रेंकफर्ट में कर्फ्यू लगाया जा चुका है।

फ्रांस : तेजी से बढ़ता संक्रमण
यूरोपीय देशों की बात करें तो सबसे ज्यादा संक्रमण फ्रांस में देखने मिल रहा है। यहां 24 घंटे में कुल 18 हजार 746 नए मामले सामने आए। पॉजिटिव टेस्ट रिजल्ट की दर में 9.1 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि यह पिछले महीने से 5 फीसदी ज्यादा है। पिछले महीने यह दर 4.5 प्रतिशत ही थी। हेल्थ मिनिस्टर ओलिवन वेरन ने कहा- हम इस वक्त हाई अलर्ट पर हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इन्फेक्शन लेवल को काबू में ले आएंगे।

पेरिस के एक हॉस्पिटल में मरीज का कोरोना सैम्पल लेती नर्स। फ्रांस में गुरुवार को 18 हजार से ज्यादा नए संक्रमित मिले। दो हफ्ते में संक्रमितों का आंकड़ा ढाई लाख से ज्यादा हो गया है।सरकार ने साफ कर दिया है कि जल्द ही नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। (फाइल)

न्यूजीलैंड : जेसिंडा को फायदा
ब्लूमबर्ग में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमण पर काबू पाने के मामले में न्यूजीलैंड अब तक सबसे कामयाब देश रहा है। यहां की सरकार ने बेहतरीन काम किया और दुनिया के बड़े बिजनेस लीडर्स भी इस बात को मान रहे हैं। इतना ही नहीं ये लोग यहां इन्वेस्टमेंट प्लान भी कर रहे हैं। यहां इकोनॉमिक रिकवरी रेट भी दूसरे देशों से बहुत बेहतर है। इसके लिए जो इंडेक्स रेटिंग जारी की गई है, उसमें न्यूजीलैंड को 238, जापान को 204 और ताइवान को 198 नंबर दिए गए हैं। अमेरिका 10वें नंबर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, जेसिंड अर्डर्न की सरकार ने इतना बेहतर काम किया है कि वे दूसरा चुनाव जीत सकती हैं।



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गुरुवार शाम जर्मनी के फ्रेंकफर्ट शहर का सूना पड़ा एक पार्क। जर्मनी सरकार ने बर्लिन और फ्रेंकफर्ट में रात का कर्फ्यू लगा दिया है।


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जो दवा बाजार में ही नहीं, उसके इस्तेमाल की सलाह दे बैठे ट्रम्प, कहा- मेरी बीमारी भगवान का आशीर्वाद

(मैगी हैबरमैन और केटी थॉमस) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को सोशल मीडिया पर डेढ़ घंटे में 12 मैसेज और 2 वीडियो पोस्ट किए। इसमें कोरोना से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने खुद के संक्रमित होने पर अजीब बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे भगवान का आशीर्वाद मानता हूं। पिछले हफ्ते संक्रमित होने के बाद मुझे जो दवा दी, उससे मैं जादुई तरीके से ठीक हो गया। आप भी जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।’’

ट्रम्प के अनुसार उन्हें एंटीबॉडी कॉकटेल दिया गया। इस दवा को रीजेनेरॉन कंपनी ने बनाया है। दूसरी तरफ, रीजेनेरॉन ने बुधवार को ही कहा कि उसने अपने एंटीबॉडी ड्रग कॉकटेल को फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट (एफडीए) के पास अप्रूवल के लिए भेजा है। फिलहाल यह दवा बाजार में उपलब्ध नहीं है।

इलाज के बाद ट्रम्प की त्वचा गहरे रंग की दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि मेरा इम्युन सिस्टम बहुत मजबूत है, इसलिए मेरे शरीर पर इसका कोई खास फर्क नहीं हुआ। सैन फ्रांसिस्को के हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर चिन होंग के मुताबिक- रीजेनेरॉन की दवा से 24 घंटे में ठीक होने का दावा पूरी तरह गलत है।

दरअसल, राष्ट्रपति यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना का कारगर इलाज मिल चुका है। क्योंकि, 3 नवंबर को चुनाव है और वे हर सर्वे में बाइडेन से पिछड़े दिख रहे हैं।

ट्रम्प सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं: एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स का कहना है कि डोनाल्ड ट्रम्प राजनीतिक नुकसान की भरपाई की कोशिश में हैं। ट्रम्प पहले तो कोरोना को मामूली फ्लू बताते रहे। अब जब खुद संक्रमित हो गए तो इस तरह की दलीलें दे रहे हैं। अमेरिका में यह बात कौन भूल सकता है कि यहां अब तक महामारी के चलते 2 लाख 11 हजार लोगों की मौत हो चुकी है।



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ट्रम्प ने कहा- पिछले हफ्ते संक्रमित होने के बाद मुझे जो दवा दी, उससे मैं जादुई तरीके से ठीक हो गया।


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Thursday, October 8, 2020

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- मेरी बीमारी भगवान का आशीर्वाद, महामारी की चीन को बड़ी कीमत चुकानी होगी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात एक वीडियो जारी किया। इसमें कोरोनावायरस से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। इसी दौरान उन्होंने खुद के संक्रमित होने पर अजीब बात कही। ट्रम्प ने कहा- मैं इसे भगवान का आशीर्वाद मानता हैं। राष्ट्रपति के मुताबिक, पिछले हफ्ते संक्रमित होने के बाद उन्हें जो दवा दी गई, उससे वे जादुई तरीके से ठीक हो गए। इसी वीडियो में उन्होंने चीन को भी चेतावनी दी। कहा- महामारी के लिए चीन जिम्मेदार है और उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी।
लेकिन, दवा अप्रूव्ड नहीं
ट्रम्प के मुताबिक, उन्हें एंडीबॉडी कॉकटेल दिया गया। इसे दवा कंपनी रेगेनेरॉन ने तैयार किया है। सरकार ने इसे मंजूरी तो नहीं दी है, लेकिन जिसे जरूरत हो वो इसका इस्तेमाल कर सकता है। दूसरी तरफ, रेगेनेरॉन ने भी बुधवार रात ही एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया- हमने अपने एंटीबॉडी ड्रग कॉकटेल को फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट के पास अप्रूवल के लिए भेजा है, ताकि इमरजेंसी में इसका इस्तेमाल किया जा सके।

सियासी नुकसान की फिक्र
दरअसल, डोनाल्ड ट्रम्प ने जो वीडियो के जरिए जो बातें कही हैं, वे सियासी नुकसान की भरपाई की कोशिश हैं। ट्रम्प पहले तो कोरोना को मामूली फ्लू बताते रहे। जब खुद संक्रमित हो गए तो इस तरह की दलीलें दे रहे हैं। ये कौन भूल सकता है कि अमेरिका में अब तक महामारी के चलते 2 लाख 11 हजार लोगों की मौत हो चुकी है।

सोमवार को वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर से उनको डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद उन्होंने कहा था- कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। मैं 20 साल पहले से भी बेहतर महसूस कर रहा हूं। वे सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

कोई सबूत भी नहीं
इलाज के बाद ट्रम्प की त्वचा गहरे रंग की दिखाई दे रही थी। बुधवार रात उन्होंने नई दावा मिलने का दावा किया, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए कोई सबूत नहीं दे सके। इसके बावजूद वे लोगों को इसके इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं। देश से कह रहे हैं कि हॉस्पिटल्स में यह दवाई जल्द से जल्द उपलब्ध होगी। कंपनी इसके लिए एफडीए से अप्रूवल मांग रही है। सरकार ने उसे 500 मिलियन डॉलर की मदद भी दी है। उसके पास सिर्फ 50 हजार लोगों के लिए दवाई है। यह भरोसा जरूर दिलाया जा रहा है कि साल के आखिर तक तीन लाख डोज तैयार हो जाएंगे।

एक्सपर्ट्स भी सहमत नहीं
सैन फ्रांसिस्को के हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर चिन होंग के मुताबिक- रेगेनेरॉन की दवा से 24 घंटे में ठीक होने का दावा एक लाख फीसदी गलत है। लेकिन, वे इसका दावा कर रहे हैं। दरअसल, राष्ट्रपति यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना का कारगर इलाज मिल चुका है। क्योंकि, 3 नवंबर को चुनाव है और वे बाइडेन से पीछे नजर आ रहे हैं।

चीन को चेतावनी
महामारी को लेकर राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर चीन को चेतावनी दी है। वीडियो में उन्होंने कहा- दुनिया के साथ उन्होंने (चीन ने) जो किया है, उसकी भारी कीमत चुकानी होगी।



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Indian Air Force Day Live: हिंडन एयरबेस पर परेड शुरू, आज आसमान में गरजेगा राफेल

नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना आज अपनी 88वीं वर्षगांठ मना रही है। गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस में वायु सेना की भव्य परेड के साथ-साथ आज आसमान में राफेल, सुखोई और एलसीए तेजस जैसे लड़ाकू विमान गरजेंगे। इस दौरान सबसे बड़ा आकर्षण

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TikTok स्टार और सोशल मीडिया पर मशहूर प्रतीक खतरी की सड़क हादसे में मौत

नई दिल्ली। टिकटॉक स्टार और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर प्रतीक खतरी (prateek khatri) की मौत हो गई है। उनकी मौत का कारण कार से एक्सिडेंट होना बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रतीक खतरी ने मंगलवार की रात अंतिम सांस ली

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JDU से टिकट ना मिलने पर गुप्तेश्वर पांडेय ने दी सफाई, FB पर देर रात लिखी दिल की बात

पटना। बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के विधानसभा चुनाव लड़ने के मंसूबों पर उस वक्त पानी फिर गया जिस वक्त जेडीयू की ओर से जारी की गई उम्मीदवारों की लिस्ट में उनका नाम नहीं था। गुप्तेश्वर पांडे को नीतीश कुमार

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कमला हैरिस ने कहा-डोनाल्‍ड ट्रंप बता दें कि वह कोरोना की वैक्‍सीन नहीं बना रहे हैं

वॉशिंगटन। बुधवार को अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनावों से पहले रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के उप-राष्‍ट्रपति पद के उम्‍मीदवारों की बहस हुई। डेमोक्रेटिक पार्टी की भारतीय मूल की कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के उप-राष्‍ट्रपति माइक पेंस के बीच बहस हुई। उटा

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ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने एच-1बी वीजा नियम बदले, पहले के मुकाबले अब ये वीजा एक तिहाई कम मिलेंगे

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले ट्रम्प प्रशासन ने एच-1बी वीजा को लेकर सख्त कदम उठाया है। ट्रम्प प्रशासन ने एच-1बी वीजा में कटौती और वेतन आधारित प्रवेश नियमों को सख्त कर दिया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारत के आईटी प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा, क्योंकि हाल के सालों में एच-1बी वीजा की 70% तक की हिस्सेदारी भारतीयों की रही है।

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्युरिटी (डीएचएस) के कार्यकारी उप सचिव केन कुकसिनेली ने कहा- ‘जिन लोगों ने एच-1बी वीजा के लिए आवेदन किया है, उनमें से एक तिहाई को नए नियमों के तहत वीजा नहीं मिल सकेगा।’ न्यूनतम वेतन आवश्यकताओं के लिए श्रम विभाग के संशोधन गुरुवार से प्रभावी होने के आसार हैं। डीएचएस का एच-1बी संशोधन भी 60 दिनों में लागू हो जाएगा।

अगर नौकरी छूट जाए तो 60 दिनों में नई तलाशनी होगी
अगर किसी एच-1बी वीजा होल्डर की कंपनी ने उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर लिया है, तो नए नियमों के अनुसार वीजा स्टेटस बनाए रखने के लिए उसे 60 दिनों के अंदर नई नौकरी तलाशनी होगा। वरना उसे अपने देश लौटना पड़ेगा।

फैसले के मायने
भारतीय पेशेवरों के लिए मौके घटेंगे
पिछले साल एच1-बी वीजा के लिए 2.5 लाख आवेदन मिले थे, जिनमें से 1.84 लाख भारत से थे। यह संख्या 2016 के मुकाबले 25% कम है। अब अगर यह संख्या एक तिहाई तक घट जाती है तो ज्यादा नुकसान भी भारतीयों को ही होगा। ट्रम्प 2016 में राष्ट्रपति बने थे, तभी से वीजा नियमों के लगातार सख्ती बढ़ रही है।

नागरिकता पाना और कठिन होगा
अमेरिका अभी हर साल 85 हजार एच1-बी वीजा जारी करता है। इनमें से ज्यादतर 5 साल बाद अमेरिकी नागरिकता हासिल करने में कामयाब रहते हैं। अब अगर वीजा ही कम मिलेंगे तो नागरिकता पाने वालों की संख्या भी घटेगी। अभी नागरिकता के लिए 3.5 लाख भारतीयों के एप्लीकेशन पेंडिंग हैं।

भारतीय आईटी कंपनियां प्रभावित होंगी
अमेरिका में हर साल कुल एच-1बी वीजाधारकों में से 15% सिर्फ टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो में नौकरियां पाते हैं। श्रम नियमों में बदलाव से सैलरी बढ़ाना भी प्रस्तावित है। इसलिए इन कंपनियों के लिए एच1-बी वीजा के माध्यम से कस्टमर की साइट पर काम करवाना महंगा पड़ेगा। अमेरिका में काम कर रहीं 50 से ज्यादा भारतीय कंपनियां एच-1बी वीजा के तहत ही कर्मचारी रखती हैं।

लेकिन, ट्रम्प को फायदा मिल सकता है
यह फैसला ट्रम्प की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उनकी पार्टी कहती आई है कि एच-1बी वीजा के कारण 5 लाख अमेरिकियों की नौकरियां बाहरी लोगों को मिल गईं। सर्वे बता रहे हैं कि ट्रम्प अपने कोर वोटर्स पर पकड़ खो रहे हैं, इसलिए वे लगातार अमेरिकियों के हित पहले रखने की बात कह रहे हैं। वे मूल अमेरिकी वोटर्स का ध्रुवीकरण चाहते हैं।



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डोनाल्ड ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने चुनाव से ठीक पहले एच-1बी वीजा नियम सख्त कर दिए हैं। भारत के आईटी प्रोफेशनल्स पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है। (फाइल)


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कोरोना वायरस के खिलाफ आज से देशभर में 'जन आंदोलन' की शुरुआत करेंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी त्योहारी मौसम, अर्थव्यवस्था की स्थिति और ठंड को ध्यान में रखते हुए आज से कोरोना वायरस के खिलाफ देशभर में जन आंदोलन की शुरुआत करेंगे। इस अभियान के तहत लोगों को वायरस से बचाव के

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Air Force Day 88th: एयरफोर्स डे पर राष्ट्रपति और पीएम मोदी सहित इन नेताओं ने दी बधाई, जानें किसने क्या कहा?

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (Indian Air Force (IAF) आज अपना 88वां स्थापना दिवस मना रही है। गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर वायुसेना आज (8 अक्टूबर) अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी। इस साल पहली बार एयरफोर्स के बेड़े में राफेल को भी

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दिल्ली के रोहिणी में पुलिस की 4 अपराधियों से मुठभेड़, मौके से 70 जिंदा कारतूस मिले

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस का आज चार अपराधियों के साथ मुठभेड़ हुई है। जानकारी के अनुसार यह मुठभेड़ रोहिणी स्थित बेगमपुरा इलाके में हुई है। मुठभेड़ में चार अपराधी घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां

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जर्मनी के बर्लिन में 70 साल बाद पहली बार रात का कर्फ्यू, न्यूजीलैंड में हालात सबसे बेहतर; दुनिया में 3.63 करोड़ केस

दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.63 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 74 लाख 08 हजार 529 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10.60 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। यूरोप के ज्यादातर देशों में संक्रमण की दूसरी लहर परेशानी का सबब बन गई है। फ्रांस के बाद स्पेन और अब जर्मनी में हालात खराब होते जा रहे हैं। बर्लिन में तो 70 साल बाद पहली बार नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है।

जर्मनी : सख्त प्रतिबंधों पर जोर
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। 70 साल में पहली बार यहां नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। हमेशा गुलजार रहने वाला बर्लिन शहर अब शांत नजर आ रहा है। शनिवार से यहां रात 11 से सुबह 6 बजे तक किसी तरह की कारोबारी गतिविधियां नहीं होंगी। बार और रेस्टोरेंट्स पूरी तरह बंद रहेंगें। इसका उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। हेल्थ मिनिस्ट्री का कहना है कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है और पार्टी में शामिल होने वाले लोग इसका खतरा बढ़ा रहे हैं। यहां किसी भी हाल में पांच से ज्यादा लोग एक जगह नहीं जुट सकेंगे। अकेले बर्लिन में हर रोज करीब 45 लोग पॉजिटिव मिल रहे हैं। इसके बाद सख्ती का फैसला लिया गया।

डब्ल्यूएचओ : यूरोप को लेकर फिक्र
डब्ल्यूएचओ ने यूरोप में संक्रमण की दूसरी लहर को लेकर चिंता जाहिर की है। संगठन के मुताबिक, यहां साइंस के अलावा भी कुछ उपाय करने की जरूरत है ताकि संक्रमण पर काबू पाया जा सके। डब्ल्यूएचओ के यूरोप प्रभारी हेन्स क्लग ने कहा- जो डेटा मिल रहा है वो वास्तव में चिंता में डालने वाला है। हम सिर्फ साइंस से हालात नहीं सुधार सकते। लोगों को साहस से काम लेना होगा। लोगों को अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा। कम्युनिटी लेवल पर लोगों को जागरूक करना होगा ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकें। स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन में हालात खराब होते जा रहे हैं।

यूरोप में संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है। स्पेन में भी खतरा बहुत ज्यादा है। यहां मैड्रिड में सरकार ने बार और रेस्टोरेंट्स बंद कर दिए हैं। बुधवार को लोगों ने इसका विरोध करते हुए प्रदर्शन किए।

न्यूजीलैंड : यहां हालात बेहतर
ब्लूमबर्ग में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमण पर काबू पाने के मामले में न्यूजीलैंड अब तक सबसे कामयाब देश रहा है। यहां की सरकार ने बेहतरीन काम किया और दुनिया के बड़े बिजनेस लीडर्स भी इस बात को मान रहे हैं। इतना ही नहीं ये लोग यहां इन्वेस्टमेंट प्लान भी कर रहे हैं। यहां इकोनॉमिक रिकवरी रेट भी दूसरे देशों से बहुत बेहतर है। इसके लिए जो इंडेक्स रेटिंग जारी की गई है, उसमें न्यूजीलैंड को 238, जापान को 204 और ताइवान को 198 नंबर दिए गए हैं। अमेरिका 10वें नंबर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, जेसिंड अर्डर्न की सरकार ने इतना बेहतर काम किया है कि वे दूसरा चुनाव जीत सकती हैं।

न्यूजीलैंड के वेलिंग्टन शहर के एक रेस्टोरेंट में मौजूद कस्टमर। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 से निपटने के मामले में न्यूजीलैंड सबसे कामयाब रहा। (फाइल)

ब्राजील : स्लम एरिया पर फोकस
ब्राजील में मंगलवार को कुल 41 हजार 906 नए मामले सामने आए। 11 सितंबर के बाद यह एक दिन में सामने आए नए मरीजों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक बयान में यह जानकारी दी है। इसी दौरान 819 लोगों की मौत भी हो गई। इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा 1 लाख 47 हजार 494 हो गया है। ब्राजील सरकार ने कहा है कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर मानकर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सरकार का फोकस मुख्य रूप से स्लम एरिया में है। यहां संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। हालांकि, सख्त लॉकडाउन जैसे उपायों के इस्तेमाल से सरकार ने इनकार कर दिया है।



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बुधवार को बर्लिन के एक रेस्टोरेंट में बैठे कस्टमर। शनिवार से यहां बार और रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे। ऐसा 70 साल में पहली बार होगा। यूरोप के तीन देशों जर्मनी, फ्रांस और स्पेन में संक्रमण की दूसरी लहर घातक साबित हो रही है।


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किम जोंग पार्टी के 75वें स्थापना दिवस पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन कर सकते हैं, मिसाइल टेस्ट किया तो ट्रम्प की मुश्किलें बढ़ेंगी

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने 10 अक्टूबर को अपनी वर्कर्स पार्टी के 75वें स्थापना दिवस को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी कर ली है। बीते दो महीने की सैटेलाइट तस्वीरों में प्योंगयांग में हजारों सैनिकों और बख्तरबंद सैन्य वाहनों का मूवमेंट और नया निर्माण कार्य देखा गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में हो रहे राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए किम जोंग उन अपनी सैन्य शक्ति दिखाकर इस मौके को भुनाना चाहेंगे। इस मौके पर उत्तर कोरिया पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर सकता है। नॉर्थ कोरिया सरकार प्रशांत महासागर क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता वाला पोत तैनात कर हवाई या अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाने पर लेना चाहती है।

यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक तरह का सरप्राइज होगा। क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति अब तक किम जोंग उन को परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए राजी करने के लिए तीन बार मिल चुके हैं। उधर, अमेरिका ने भी चेतावनी देते हुए कहा है कि इस तरह हथियारों की तैनाती तनाव बढ़ाएगी।

लीडरशिप को सैन्य ताकत से सार्वजनिक करते हैं

सियोल की ट्राय यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशन्स के प्रोफेसर डैन पिंक्सटन कहते हैं कि उत्तर कोरिया के इतिहास में वर्षगांठ बेहद अहम तारीखें होती हैं। इन दिनों में प्योंगयांग के शासक अपनी लीडरशिप को सैन्य ताकत से सार्वजनिक करते हैं। सैटेलाइट से बचाने के लिए इन हथियारों को टेंट में रखा गया है। इसी तरह यहां कई गैराज बनाए गए हैं।

उनका कहना है- कुछ ढांचे ऐसे दिख रहे हैं, जिनमें लंबी दूरी की मिसाइलें लॉन्च करने वाले ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर (टीईएल) रखे गए हैं। दक्षिण कोरिया के दक्षिणी कमांड के सैन्य अधिकारी वोन इन चुल ने बताया कि सिन्पो शिपयार्ड में रिपेयरिंग का काम तेजी से चल रहा है। यह उत्तर कोरिया की पनडुब्बियों का घर है। जब यह काम पूरा हो जाएगा, तब पड़ोसी बैलिस्टिक मिसाइल एसएलबीएम का परीक्षण कर सकता है।

परेड में नए हथियार शामिल करेंगे

साउथ कोरिया के पूर्व राजनयिक और सीनियर इंटेलीजेंस अफसर रॉ जोंग यिल कहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को भी अब एक महीने से कम वक्त रह गया है। वे बिल्कुल अपने नए हथियार इस परेड में शामिल करेंगे। क्योंकि वो जानते हैं कि दुनिया उन्हें देख रही है। इस परेड के जरिए दक्षिण कोरिया के लिए उनका संदेश होगा कि वे लगातार अपनी सैन्य और न्यूक्लियर ताकत बढ़ा रहे हैं।

उनका कहना है- अमेरिका और यूएन के लिए संदेश होगा कि अब समय उत्तर कोरिया के पक्ष में है। वे संदेश दे रहे हैं कि सारी पाबंदियों और उससे पैदा हुई दिक्कतों के बावजूद वो अभी भी नए और आधुनिक हथियार बना पा रहे हैं। चाहे उन्हें किसी भी खतरे से डराया जाए, वे अपने रास्ते से नहीं हटेंगे। इससे अमेरिका में संदेश जाएगा कि ट्रम्प और किम जोंग की मुलाकातें निष्प्रभावी रहीं और इससे ट्रम्प की कमजोर छवि उभर सकती है।

नया इंफ्रास्ट्रक्चर और सैनिकों का भारी मूवमेंट

38 नॉर्थ नाम की वेबसाइट में 6 अक्टूबर को कुछ नई सैटेलाइट इमेज प्रकाशित हुई हैं। इन तस्वीरों में सैकड़ों गाड़ियां ग्राउंड के पास पार्क की गई थीं। तस्वीरों में सैकड़ों सैनिकों का मार्चपास्ट भी देखा गया है। हाल के महीनों में मिरिन ग्राउंड में कई ढांचागत विकास के काम पूरे किए गए हैं। इस ग्राउंड में अक्सर बड़े टैंक, आर्टिलरी यूनिट और मिसाइल लॉन्चर की भीड़ देखी जाती है।



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सैटेलाइट से बचाने के लिए इन हथियारों को टेंट में रखा गया है। इसी तरह यहां कई गैराज बनाए गए हैं।


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88th Air Force Day: नभः स्पृशं दीप्तम्, जानिए भगवद्गीता के साथ वायुसेना का खास रिश्‍ता

नई दिल्‍ली। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) अपना 88वां वायुसेना दिवस मना रही है। आईएएफ आज दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सेना है। कभी सिर्फ पांच लोगों के साथ शुरू हुआ वायुसेना का सफर आज लाखों ऑफिसर और जवानों तक जा पहुंचा है।

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सुपरमैन नहीं, सुपर स्प्रेडर हैं डोनाल्ड ट्रम्प; उनको दोबारा राष्ट्रपति चुनना सामूहिक पागलपन होगा

आज की तारीख में सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरोना पॉजिटिव होने के बाद क्या सीखा। क्योंकि वे उन लोगों में शुमार हैं, जो कभी सीखते नहीं हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि बतौर नागरिक हमने क्या सीखा? इससे भी ज्यादा जरूरी यह कि ट्रम्प के समर्थकों ने क्या सीख हासिल की। दरअसल, ट्रम्प सुपरमैन नहीं, बल्कि सुपर स्प्रेडर हैं। महामारी के दौर में उनके नजरिए ने उनके साथ देश को भी खतरनाक तरीके से नुकसान पहुंचाया। अगर, फिर भी उन्हें दोबारा राष्ट्रपति चुना जाता है तो यह सामूहिक पागलपन के अलावा और कुछ नहीं होगा।

दारोमदार ट्रम्प पर
क्या हम जिस तरह सोच रहे हैं, क्या वैसा ही काफी वोटर्स भी सोच रहे हैं? अब यह इस पर निर्भर करता है कि बाइडेन कैसे लोगों को ट्रम्प की बुनियादी गलतियों के बारे में बता पाते हैं। महामारी के दौरान सावधानी रखना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है। फेस मास्क संस्कृति का प्रतीक नहीं हैं। ये जिम्मेदारी और कॉमन सेंस की बात है। सबको पहनना चाहिए। महामारी में खुद को बाहुबली की तरह पेश करना ताकतवर होना नहीं है। लॉकडाउन में नियमों का पालन करना आजादी का छिन जाना भी नहीं हैं। वैज्ञानिक और नेताओं में फर्क होता है। अगर आपके कस्टमर्स और स्टाफ मास्क पहन रहे हैं तो इससे दोनों को ही फायदा होगा।

राष्ट्रपति ने गलती की
वैसे तो सरकार का काम हमेशा गंभीर होता है, लेकिन महामारी के दौर में तो यह लोगों की जिंदगी और मौत का मामला हो जाता है। आज टीचर्स से लेकर साइंटिस्ट्स तक हर कोई लीडर की तरफ देख रहा है। लोग निराश और परेशान हैं। इसलिए ट्रम्प लीडर और व्यक्तिगत तौर पर दोहरी गलती करते नजर आते हैं। महामारी के दौर में तो वे सबसे खराब लीडर साबित हुए।

एथिक्स एंड कम्प्लायंस कंपनी के चेयरमैन डव सीडमैन कहते हैं- जिन लोगों पर लोगों की जिंदगी बचाने का जिम्मा है, अगर वे ही गलत सलाह या मिसाल देंगे तो क्या होगा। आज हम उसी लीडरशिप के संकट का सामना कर रहे हैं। लोगों को ये समझ नहीं आ रहा है कि वे आखिर किस पर भरोसा करें।

कुदरत से जंग गलत
महामारी प्रकृति की वजह से आई। लेकिन, ट्रम्प इसे बाजार से जोड़कर देख रहे हैं। राष्ट्रपति और उनके सलाहकार इसकी गंभीरता को कम करके दिखा रहे हैं, ताकि बाजार में अफरातफरी न फैले। इसकी वजह ये है कि मार्केट दुरुस्त रहा तो ट्रम्प के दोबारा जीतने की संभावनाएं भी होंगी।

मार्च की बात है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कैलीन कोन्वे एक सवाल पर इसीलिए भड़क गईं थीं। उन्होंने एक रिपोर्टर से पूछा था- क्या आप डॉक्टर हैं या वकील हैं? जो ये कह रहा है कि वायरस की रोकथाम नहीं हो सकती। महामारी के दौरान प्रकृति आपसे कुछ सवाल करती है। लेकिन, सही जवाब नहीं मिलते तो समाज को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। ट्रम्प प्रकृति के प्रति नर्म नहीं हैं। उनकी नजर में इससे निपटने की विचारधारा राजनीति, बाजार और इलेक्शन कैलेंडर में छिपी हुई है।

फिर क्या चाहते हैं ट्रम्प
राष्ट्रपति चाहते हैं कि लोग सिर्फ दो बातों पर भरोसा करें। पहली- इकोनॉमी को खोल दिया जाए और वायरस को नजरअंदाज किया जाए। दूसरी- इकोनॉमी बंद कर दी जाए और वायरस से डरकर घर में बंद हो जाएं। ट्रम्प का दावा है कि डेमोक्रेट्स डरने वाला ऑप्शन ही पसंद कर रहे हैं। लेकिन, सवाल यह है कि क्या हम इकोनॉमी को सावधान होकर ज्यादा बेहतर तरीके से नहीं खोल सकते। क्या वायरस को नजरअंदाज करना ही जरूरी है।

सही तरीका अपनाएं
इकोनॉमी खोलने में किसको दिक्कत हो सकती है। लेकिन, कुछ आसान कदम उठाकर भी तो ये किया जा सकता है। जैसे- मास्क पहना जाए, सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन की जाए। इससे लोग दुकान, स्कूल या अपने काम पर आसानी से जा पाएंगे। बीमारी से भी बचा जा सकेगा। जो बाइडेन भी तो यही प्रस्ताव दे रहे हैं। लेकिन, ट्रम्प बेफिक्र होकर इकोनॉमी खोलने की बात करते हैं। न मास्क को प्राथमिकता देते हैं और न सोशल डिस्टेंसिंग को। आदमी घर से निकलेगा तो बीमार होकर लौटेगा।

दरअसल, ट्रम्प न तो प्रकृति का सम्मान कर रहे हैं और न हमारा। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनके समर्थक सही बात सीखेंगे और समझेंगे। और तीन नवंबर को ट्रम्प के खिलाफ वोट देंगे। कई अमेरिकी नागरिकों की जिंदगी और रोजीरोटी इसी पर निर्भर है।



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Donald Trump Coronavirus (COVID-19) Superspreader | Here's Latest US Election 2020 News From The New York Times


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88वां वायुसेना दिवस: जानिए IAF से जुड़े इन रोचक तथ्‍यों के बारे में

नई दिल्‍ली। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) अपना 88वां वायुसेना दिवस मना रही है। आईएएफ आज दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सेना है। कभी सिर्फ पांच लोगों के साथ शुरू हुआ वायुसेना का सफर आज लाखों ऑफिसर और जवानों तक जा पहुंचा है।

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Vice Presidential Debate: कमला हैरिस ने माइक पेंस को कोरोना के मुद्दे पर घेरा

वॉशिंगटन। अमेरिका में उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए आज डेमोक्रैटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस और उराष्ट्रपति माइक पेंस के बीच बहस के दौरान दोनों ने एक दूसरे पर जमकर हमला बोला। अमेरिका के इतिहास में ऐसा पहली बार है

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कोरोना महामारी की चीन को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी: डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कोरोना वायरस को लेकर चीन पर हमला बोला है। ट्रंप ने राष्ट्र के नाम एक वीडियो संदेश जारी करके चीन पर को कोरोना महामारी के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा

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कमला हैरिस ने कहा- कोरोना पर काबू पाने में नाकाम रही ट्रम्प सरकार, पेन्स बोले- हमने हजारों लोगों की जान बचाई

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बीच आज पहली और एकमात्र वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट साल्ट लेक सिटी में हो रही है। रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उप राष्ट्रपति माइक पेन्स और डेमोक्रेट पार्टी की ओर से कमला हैरिस इसमें ले रही हैं। डिबेट में पहला मुद्दा कोरोनावायरस ही था। कमला हैरिस ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। कहा- कोरोना के मुद्दे पर ट्रम्प सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। इसके हजारों उदाहरण दिए जा सकते हैं। इस पर माइक पेन्स ने कहा- हमने चीन से आने वाले लोगों पर रोक लगाई। इससे हजारों अमेरिकियों की जान बचाई जा सकी।बहस को यूएसए टुडे की सुसान पेज मॉडरेट कर रही हैं।

12 फीट की दूरी
पहली और एकमात्र वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट आज साल्ट लेक सिटी में हो रही है। दोनों के सामने प्रोटेक्शन ग्लासेस यानी शीशे लगाए गए हैं। दोनों कैंडिडेट्स के बीच 12 फीट की दूरी होगी। पहले यह 7 फीट ही तय की गई थी। पेन्स ने पहले ग्लासेस लगाने का विरोध किया था। बाद में इसके लिए तैयार हो गए।

पेन्स ने कहा- मैं निगेटिव
ट्रम्प के पॉजिटिव पाए जाने के बाद पेन्स रोज टेस्ट करा रहे हैं। बुधवार रात उन्होंने कहा- मैंने फिर टेस्ट कराया है। मेरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। व्हाइट हाउस में अब तक 18 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। तीन सीनेटर्स और ट्रम्प के कई एडवाइजर्स इसमें शामिल हैं।



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माइक पेन्स और कमला हैरिस के बीच साल्ट लेक सिटी में पहली और एकमात्र प्रेसिडेंशियल डिबेट जारी है। (फाइल)


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Wednesday, October 7, 2020

ट्रंप सरकार ने US में नौकरी का सपना देख रहे भारतीयों को दिया झटका, H-1B वीजा पर लगाए नए प्रतिबंध

नई दिल्ली। अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने एच-1बी वीजा पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। यूएस सरकार द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह फैसला अमेरिकी श्रमिकों की सुरक्षा, अखंडता को बहाल करना और उन्हें इस

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कई साल पहले कपिल शर्मा ने किया था ऐसा एक्ट जिससे अब तक गुस्सा हैं मुकेश खन्ना, VIDEO किया जारी

नई दिल्ली। अभिनेता मुकेश खन्ना ने हाल ही में मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो 'द कपिल शर्मा शो' को वाहियात, अश्लील और फूहड़ता से भरा हुए बताया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि इस शो में मर्द औरतों के

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हाथरस केस में नया खुलासा: लगातार टच में थे पीड़िता और आरोपी, फोन पर हुई थी 104 बार बात

हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस में बीते 14 सितंबर को हुए युवती के गैंगरेप और हत्‍या ने पूरे देश हो हिला कर रख दिया है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है लेकिन परिवार की तरफ से सीबीआई जांच की मांग

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Limited data sharing in Jio deal: Facebook to CCI


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कई साल पहले कपिल शर्मा ने किया था ऐसा एक्ट जिससे अब तक गुस्सा हैं मुकेश खन्ना, VIDEO किया जारी

नई दिल्ली। अभिनेता मुकेश खन्ना ने हाल ही में मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो 'द कपिल शर्मा शो' को वाहियात, अश्लील और फूहड़ता से भरा हुए बताया था। साथ ही उन्होंने कहा है कि इस शो में मर्द औरतों के

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पीएम मोदी पर राहुल गांधी का हमला, बोले- खाली टनल में हाथ हिलाना छोड़िए, देश के सवालों का जवाब दीजिए

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा करके अलग-अलग मसलों पर मोदी सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम जी,

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SSR Case: तो क्या कंगना रनौत पर गुस्सा हैं सिमी ग्रेवाल, पहले बताया था 'बहादुर'?

नई दिल्ली। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को प्लांड मर्डर कहने वाली कंगना रनौत ने बॉलीवुड को लेकर एक के बाद कई ऐसे सनसनीखेज बयान दिए हैं, जिसकी वजह से हिंदी सिनेमा का एक खेमा तो उनके सपोर्ट में खड़ा

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देश में एक दिन के भीतर सामने आए कोरोना के 72 हजार से ज्यादा केस, कुल मामले 67 लाख के पार

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस का कहर अब भी जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को जारी ताजा आंकड़ों में बताया है कि देश में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 72,049 नए मामले सामने आए हैं और इस

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किसान संघ को केंद्रीय कृषि मंत्री ने 8 अक्टूबर को बैठक के लिए बुलाया, किसानों ने मिलने से किया इनकार

नई दिल्ली। कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलित हैं और लगातार इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, इस कानून को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच किसानों के विरोध को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह

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पूर्वी लद्दाख में LAC पर टकराव के लिए अमेरिका ने चीन की जिनपिंग सरकार को फटकारा

वॉशिंगटन। अमेरिका ने एक बार फिर से पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच जारी टकराव पर प्रति‍क्रिया दी है। अमेरिका ने लद्दाख में हालातों के लिए चीन की सरकार को फटकार लगाई है।

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प्रदूषण के खिलाफ कैसे लड़ी दिल्ली ने लड़ाई, डेरिंग सिटीज फोरम के जरिए आज दुनिया को बताएंगे अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज डेरिंग सिटीज 2020 कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह दिल्ली में पर्यावरण की स्थिरता और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी बात रखेंगे। दिल्ली सरकार की ओर से

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Quad: टोक्‍यो में एस जयशंकर और ऑस्‍ट्रेलिया की विदेश मंत्री की मीटिंग, कहा-भारत से दोस्‍ती है खास

टोक्‍यो। मंगलवार को जापान की राजधानी टोक्‍यो में क्‍वाड देशों की दूसरी मीटिंग हुई है। यह मीटिंग ऐसे समय में हुई है जब एक तरफ पूर्वी लद्दाख में भारत के खिलाफ चीन के तेवर लगातार उग्र बने हुए हैं तो वहीं

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iPhone makers get nod for Rs 10 lakh cr India manufacturing plan


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Chargebee raises Rs 403 crore in funding led by Insight Partners


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Piyush Goyal invites startups to register on public procurement portal GeM


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बाइडेन ने कहा- अगर ट्रम्प को अब भी कोरोना है तो मैं डिबेट में हिस्सा नहीं लूंगा; राष्ट्रपति को संक्रमण न होने का सबूत देना पड़ सकता है

डोनाल्ड ट्रम्प भले ही कोविड-19 संक्रमित होने के बाद तीन दिन हॉस्पिटल में रहे हों और फिर व्हाइट हाउस लौट आए हों, लेकिन उनकी मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। 15 अक्टूबर को होने वाली दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट से पहले डेमोक्रेट कैंडिडेट जो बाइडेन ने इसके लिए नई शर्त रख दी है। बाइडेन ने कहा है कि वे बहस में तभी हिस्सा लेंगे, जब यह तय हो जाएगा कि ट्रम्प संक्रमण से उबर चुके हैं। दूसरी तरफ, ट्रम्प के एक और एडवाइजर स्टीफन मिलर भी कोविड-19 पॉजिटिव हो गए हैं।

बाइडेन ने क्या कहा
15 अक्टूबर को मियामी में होने वाली दूसरी प्रेसिंडेशियल डिबेट के पहले बाइडेन ने अहम बयान दिया। मंगलवार रात इस डेमोक्रेट कैंडिडेट ने कहा- मुझे लगता है कि अगर उन्हें (ट्रम्प को) अब भी संक्रमण है तो फिर हमें डिबेट नहीं करनी चाहिए। खास बात ये है कि सोमवार रात मेरीलैंड के वॉल्टर रीड मिलिट्री हॉस्पिटल से लौटने के बाद ट्रम्प के कैम्पेन मैनेजर ने साफ कर दिया था कि राष्ट्रपति दूसरी बहस में शिरकत के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन, बाइडेन के शर्त की बाद यह मामला फंसता नजर आ रहा है। ट्रम्प को सबूत देना पड़ सकता है कि वे कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।

डॉक्टरों से सलाह लेंगे बाइडेन
बाइडेन ने भी पिछले दिनों टेस्ट कराया था। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मंगलवार रात को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति बहुत जल्द ठीक हो जाएंगे। लेकिन, मुझे लगता है कि अगर अब भी उन्हें संक्रमण है तो फिर हमें डिबेट नहीं करनी चाहिए। मैं इस बारे में क्लीवलैंड क्लीनिक और डॉक्टरों से बातचीत करने वाला हूं। इस बारे में जो गाइडलाइंस तय की गई हैं, उन्हें सख्ती से लागू करना चाहिए। कई लोग संक्रमित हो रहे हैं और यह बहुत बड़ी परेशानी बन चुकी है। इसलिए मैं इस बारे में सलाह लूंगा और जो सही होगा, वही करूंगा।

यानी कुछ तय नहीं
बाइडेन की डिबेट पर टिप्पणी का मतलब यह भी हुआ कि 15 और 22 अक्टूबर को होने वाली दूसरी और तीसरी डिबेट खतरे में पड़ सकती है। बाइडेन इस बारे में कमीशन ऑफ प्रेसिडेंशियल डिबेट यानी सीपीडी से बातचीत कर सकते हैं। कानूनी तौर पर भी वे ऐसा कर सकते हैं। ट्रम्प तीन दिन हॉस्पिटल में रहे थे और सोमवार को ही डिस्चार्ज हुए थे। अमेरिका में सीडीसी (सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल) की गाइडलाइंस के मुताबिक, हल्के लक्षण वाले मरीजों को भी 10 तक तक निगरानी में रहना होता है। अगर संक्रमित गंभीर स्थिति में था तो उसे 20 दिन तक निगरानी में रखा जाता है।

आज वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट
पहली और एकमात्र वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट आज साल्ट लेक सिटी में होगी। उपराष्ट्रपति माइक पेन्स और डेमोक्रेट कैंडिडेट कमला हैरिस इसमें शामिल होंगे। दोनों के सामने प्रोटेक्शन ग्लासेस यानी शीशे लगाए जा सकते हैं। दोनों कैंडिडेट्स के बीच 12 फीट की दूरी होगी। पहले यह 7 फीट ही तय की गई थी। पेन्स ने पहले ग्लासेस लगाने का विरोध किया था। बाद में इसके लिए तैयार हो गए।



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जब मरीज ही डॉक्टरों का कमांडर इन चीफ और बॉस होता है, तो उन्हें भी यस सर कहना पड़ता है

कोरोना संक्रमित होने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प तीन दिन मेरीलैंड के वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में रहे। सोमवार को वे डिस्चार्ज हुए। इस दौरान वे डॉक्टरों से उन्हें जल्द डिस्चार्ज करने की गुजारिश करते रहे। कोरोनावायरस की गंभीरता को उन्होंने हमेशा नकारा। इससे डॉक्टरों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई। क्योंकि, यह पेशेंट उनका बॉस भी था।

कोरोना को लेकर ट्रम्प क्या सोचते हैं, यह हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद उनके एक ट्वीट से पता चलता है। ट्रम्प ने इस ट्वीट में कोरोना की तुलना मौसमी फ्लू से कर दी। उन्होंने कहा कि फ्लू का मौसम आ रहा है। हर साल फ्लू से एक लाख मौतें होती हैं। वैक्सीन के बावजूद लोग मरते हैं।

कमांडर इन चीफ की बात कैसे नकारें
सीन कोनले व्हाइट हाउस के फिजिशियन और नेवी के डॉक्टर हैं। प्रेसिडेंट ही सेनाओं का कमांडर इन चीफ होता है। जाहिर सी बात है कि डॉक्टर कोनले के लिए ट्रम्प का ऑर्डर मानना मजबूरी थी। क्योंकि, आर्मी में बॉस के ऑर्डर की अनदेखी नहीं की जा सकती। इसे सबसे बड़ा अपराध माना जाता है। देश के कुछ पूर्व प्रेसिडेंट्स की तरह ट्रम्प ने भी अपने लिए मिलिट्री डॉक्टर ही चुना। कोनले यूएस नेवी में लेफ्टिनेंट कमांडर की रैंक मेंटेन करते हैं। सोमवार को उन्होंने कहा- राष्ट्रपति की सेहत पर ध्यान देना होगा। खतरा खत्म नहीं हआ है। हालांकि, उन्होंने ट्रम्प के व्हाइट हाउस लौट जाने को गलत मानने से इनकार कर दिया।

अच्छे पेशेंट साबित हुए ट्रम्प
डॉक्टर कोनले ने कहा- प्रेसिडेंट जितने दिन यहां रहे, हमारे लिए अच्छे मरीज साबित हुए। उन्होंने हमारी मेडिकल टीम को पूरी तरह से सहयोग किया। उन्होंने एक बार भी टीम को परेशान नहीं किया। कोनले ने यह बातें ट्रम्प के व्हाइट हाउस निकल जाने के बाद कहीं। मिलिट्री हॉस्पिटल में भी ट्रम्प ही बॉस थे। वॉल्टर रीड नेशनल मेडिकल कमांड सेंटर है। ट्रम्प ने भी वही डॉक्टर चुना जो हेल्थ के मामले में वही बातें बताए जो वे चाहते थे।

सियासत पर फोकस ज्यादा
‘द प्रेसिडेंट इज ए सिक मैन’ यानी राष्ट्रपति बीमार व्यक्ति हैं, किताब के लेखक मैथ्यू एल्जियो कहते हैं- राष्ट्रपति ने यह फैसला (हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने का) सियासत की वजह से किया। दवाई या इलाज को उन्होंने प्राथमिकता नहीं दी। यहां आप पॉलिटिक्स और मेडिसिन में फर्क साफ देख सकते हैं। मैथ्यू के मुताबिक, ट्रम्प के फैसले से जनता के उस अधिकार का हनन हुआ जिसके तहत उसे प्रेसिडेंट की हेल्थ के बारे में जानने का हक है। इस बारे में एक कमिशन बनाकर सच सामने लाया जाना चाहिए।

टीम भी मजबूर थी
एल्जियो कहते हैं- ट्रम्प ने अपनी सेहत की गंभीरता को छिपाया। उनकी टीम तो मजबूर कही जा सकती है। अब्राहम लिंकन भी गंभीर रूप से बीमार हुए थे। उन्होंने भी इसे हल्के में लिया। वुडरो विल्सन को हार्ट स्ट्रोक आया था, इस पर चार महीने तक पर्दा डालकर रखा गया। ग्रोवर क्लीवलैंड की कैंसर सर्जरी की बात तो करीब 25 साल छिपाई गई। फ्रेंकलिन रूजवेल्ट बीमारी को ताउम्र छिपाते रहे। यही वॉरेन हार्डिंग ने किया।

वजह राजनीतिक ही थी
विलियम कॉलेज की प्रोफेसर और लेखिका सुसैन डन कहती हैं- रूजवेल्ट ने सेहत पर गंभीर खतरे की बात छिपाई। इसकी वजह यह थी कि उसी साल चुनाव होने थे। अब शायद डोनाल्ड ट्रम्प भी इसी रास्ते पर चल रहे हैं। वे भी हेल्थ डेंजर को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। उनका बर्ताव भी बेहद गैर जिम्मेदाराना है। वो महामारी की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं। उनके डॉक्टर भी अपने हिसाब से टाइमलाइन बता रहे हैं, उनकी बातों में भी गंभीरता नहीं दिखती।

इससे भ्रम ही फैलेगा
कुल मिलाकर, ट्रम्प के हॉस्पिटल में एडमिट होने से भ्रम ही पैदा हुआ। उनके कई सहयोगी भी पॉजिटिव पाए गए हैं। अब ये माना जा रहा है कि ट्रम्प की केयर वेस्ट विंग ज्यादा कर रही है और डॉक्टर कम। ट्रम्प ने अपना रूटीन भी पुराना ही रखा है। ये जानते हुए भी वे रिस्क ले रहे हैं कि उनकी उम्र और वजन के लिहाज से यह बीमारी खतरनाक साबित हो सकती है। पूर्व हेल्थ कमिश्नर लीना वेन कहती हैं- इन्फेक्शन होना किसी को हॉस्पिटल में रखने की सही वजह नहीं हो सकती। लेकिन, अगर कोई पेशेंट जानबूझकर दूसरों को खतरे में डाल रहा है तो फिर उसकी मर्जी के खिलाफ भी उसे हॉस्पिटल में रखा जा सकता है।

इससे सेना का भी नुकसान
होमलैंड सिक्योरिटी और डिफेंस डिपार्टमेंट के पूर्व अफसर डेविड लपान कहते हैं- जब राष्ट्रपति ही सेहत के बारे में फैसला लेने लगे तो यहां आकर डॉक्टर और हॉस्पिटल के हाथ बंध जाते हैं। इससे तो मिलिट्री और डॉक्टरों का भी नुकसान है। डॉक्टर कोनले ने सोमवार को यह नहीं कहा कि राष्ट्रपति को गुरुवार को फंड रेजिंग प्रोग्राम के लिए न्यूजर्सी जाना चाहिए। उन्होंने सियासी बातों में पड़ने से इनकार कर दिया था। कोनले ने कहा था- मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता।



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ब्राजील में एक महीने बाद सबसे ज्यादा नए मामले सामने आए, अमेरिका के 6 राज्यों में हालात बिगड़े; दुनिया में 3.60 करोड़ केस

दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.60 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 71 लाख 36 हजार 709 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10.53 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। ब्राजील में एक महीने से संक्रमण के मामले कम हो रहे थे। लेकिन, अब यह फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं। अमेरिका के छह राज्यों में अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

ब्राजील : फिर बढ़ा संक्रमण
ब्राजील में मंगलवार को कुल 41 हजार 906 नए मामले सामने आए। 11 सितंबर के बाद यह एक दिन में सामने आए नए मरीजों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक बयान में यह जानकारी दी है। इसी दौरान 819 लोगों की मौत भी हो गई। इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा 1 लाख 47 हजार 494 हो गया है। ब्राजील सरकार ने कहा है कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर मानकर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सरकार का फोकस मुख्य रूप से स्लम एरिया में है। यहां संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। हालांकि, सख्त लॉकडाउन जैसे उपायों के इस्तेमाल से सरकार ने इनकार कर दिया है।

अमेरिका : 6 राज्यों में मरीज ज्यादा
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के छह राज्यों में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनमें विस्कॉन्सिन राज्य भी शामिल है। मंगलवार को यहां कुछ नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें सार्वजनिक समारोहों में लोगों के जुटने पर कुछ पाबंदियां भी लगाई गई हैं। मिनेसोटा, नेब्रास्का, नॉर्थ डकोटा, साउथ डकोटा और व्योमिंग के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। विस्कॉन्सिन में मंगलवार को 782 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। दो हफ्ते पहले यह संख्या 433 थी।

अमेरिका के मिलवाउकी में जगह-जगह कोरोना टेस्टिंग सेंटर बनाए गए हैं। लोग फोन करके मेडिकल टीम को घर भी बुला सकते हैं। देश के 6 राज्यों में अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।

मॉस्को : यहां भी सख्ती
मॉस्को के स्थानीय प्रशासन ने छात्रों और बुजुर्गों के बाहर निकलने पर फिर पाबंदी लगा दी है। यहां 11 मई के बाद सबसे ज्यादा मामले सामने आए। मंगलवार को कुल 11 हजार नए मामले दर्ज किए गए। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल छात्र और सीनियर सिटीजन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। गुरुवार को यहां हेल्थ मिनिस्ट्री की एक मीटिंग बुलाई गई है। इसमें केंद्र सरकार के अफसर भी हिस्सा लेंगे। हेल्थ मिनिस्ट्री ने साफ कर दिया है कि वैक्सीन के आने तक कई स्तर पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

मॉस्को में मंगलवार को 11 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए। इसके बाद सरकार ने स्टूडेंट्स और सीनियर सिटीजन के पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी। फोटो मॉस्को के एक मेडिकल सेंटर में एक मरीज की टेस्टिंग की है। (फाइल)

मैक्सिको : एक दिन में 28 हजार मामले
मैक्सिको में सोमवार को नए मामलों ने सबको हैरान कर दिया। यहां एक ही दिन 28 हजार 115 नए मामले सामने आए। इतना ही नहीं, इसी दौरान 2789 लोगों की मौत हो गई। सरकार का कहना है कि नए मामले इतनी तेजी से सामने आने के बाद अब यह जरूरी हो गया है कि कुछ पब्लिक प्लेसेस पर प्रतिबंध लगाया जाए। सरकार ने एक रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट डब्ल्यूएचओ को भी भेजी जाएगी। संगठन के एक्सपर्ट्स इस पर सरकार को सलाह देंगे। संभव हुआ तो एक टीम भी मैक्सिको भेजी जाएगी। सरकार ने कहा कि कुछ क्लस्टर्स की पहचान कर ली गई है।



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ब्राजील के रियो डि जेनेरियो के एक अस्पताल में झपकी लेता डॉक्टर। 11 सितंबर के बाद ब्राजील में एक दिन सबसे ज्यादा मरीज सामने आए। 41 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए जबकि 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।


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