इमरान खान ने कहा है कि अगर करगिल जंग के दौरान वे प्रधानमंत्री होते, और आर्मी चीफ ने बिना उन्हें बताए युद्ध शुरू किया होता तो वे फौरन उन्हें बर्खास्त कर देते। इमरान ने कहा- अगर आईएसआई का कोई चीफ उनसे आकर इस्तीफा देने को कहता है तो वे बिना वक्त गंवाए उसे हटा देंगे।
वहीं, फौज से उनकी पार्टी की नजदीकियों का आलम ये है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पोस्टरों में उनके साथ जनरल बाजवा और दूसरे फौजी अफसर नजर आ रहे हैं।
आर्मी और आईएसआई चीफ पर बयान क्यों
इमरान ने एक इंटरव्यू में करगिल और आर्मी चीफ का जिक्र किया। इसके अलावा आईएसआई प्रमुख पर भी बात की। इसकी एक खास वजह है। दरअसल, पिछले कुछ महीनों से विपक्ष एकजुट है। नवाज शरीफ समेत विपक्ष के तमाम नेता इमरान को फौज की मेहरबानी से बना प्रधानमंत्री बता रहे हैं। उन्हें इलेक्टेड के बजाए सिलेक्टेड पीएम कहा जा रहा है। नवाज के पिछले दिनों दो बयान आए। एक में करगिल का जिक्र था। दूसरे में आईएसआई चीफ का। यहां जानते हैं कि नवाज के बयान पर इमरान ने क्या जवाब दिया।
करगिल जंग
1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच करगिल में जंग हुई। पाकिस्तान बुरी तरह हारा। इस दौरान नवाज शरीफ पीएम और जनरल मुशर्रफ आर्मी चीफ थे। नवाज कई बार कह चुके हैं कि मुशर्रफ ने उनकी इजाजत के बगैर करगिल में जंग छेड़ी थी और उन्होंने बमुश्किल अमेरिका की मदद से इसे रुकवाया और पाकिस्तान को बचाया।
इमरान इसे नवाज की कमजोरी बताते हैं। वे कहते हैं- अगर मैं पीएम होता। और आर्मी चीफ ने मुझे बताए बिना करगिल जंग छेड़ी होती तो मैं उन्हें बर्खास्त कर देता।
आईएसआई चीफ पर क्या और क्यों बोले
नवाज ने कहा था- 2014 में आईएसआई चीफ जहीर उल इस्लाम ने आधी रात को मेरे पास एक व्यक्ति के जरिए मैसेज भेजा। उन्होंने मुझसे फौरन इस्तीफा देने को कहा था। मैंने इनकार कर दिया था।
इमरान ने नवाज के इस बयान पर कहा- अगर मेरे पास आईएसआई चीफ या उनका इस तरह का मैसेज आया होता तो मैं उन्हें पद से हटाने में जरा भी देरी नहीं करता।
इमरान के पार्टी पोस्टरों में आर्मी चीफ
फौज को लेकर पाकिस्तान में चल रही सियासत के बीच एक और खबर आई। ‘द डॉन’ के मुताबिक, पीओके में इमरान की पार्टी पीटीआई के कई पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। इनमें इमरान के साथ आर्मी चीफ जनरल बाजवा और दूसरे फौजी अफसर नजर आ रहे हैं। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की। आयोग ने इन्हें हटाने को कहा है।
कुछ दिन पहले ही आर्मी चीफ जनरल बाजवा ने विपक्षी नेताओं की एक मीटिंग बुलाई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि सियासत से आर्मी को दूर रखा जाए। आर्मी को यह मंजूर नहीं कि उसको मुल्क की अंदरूनी राजनीति में घसीटा जाए।
नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 79,476 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 1,069 लोगों की मौत
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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार हो गए हैं। उनके साथ मेलानिया ट्रंप भी इस वायरस की चपेट में आ गई हैं। लेकिन इसके बाद भी व्हाइट हाउस ने फेस मास्क को लेकर प्रोटोकॉल में कोई
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जयपुर। यूपी के हाथरस जिले में दलित लड़की से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला अब जयपुर तक पहुंच गया है। जयपुर में हाथरस जिले के डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार का घर है। पीड़ित परिवार के साथ उनकी बदतमीजी से गुस्साए
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हाथरस: हाथरस गैंगरेप और हत्या के केस में उत्तर प्रदेश की पुलिस सवालों के घेरे में है। पीड़िता के गांव में घेराबंदी की गई है। किसी भी गांव में आने नहीं दिया जा रहा है और नाही गांव से कोई बाहर
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जागरेब। अमेरिका ने चीन के 5जी नेटवर्क पर एक बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो जो इस समय क्रोएशिया में हैं, उन्होंने कहा है कि अमेरिका को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और ज्यादा यूरोपियन देश
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में कथित बलात्कार के बाद पीड़िता की मौत से देशभर में गुस्से का माहौल है। राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है। पीड़िता को न्याय की मांग के लिए दिल्ली से लेकर यूपी तक विरोध
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नई दिल्ली। NASA ने भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के नाम वाले सिग्नस स्पेसशिप को लॉन्च कर दिया है। अमेरिकन एयरोस्पेस कंपनी नार्थरोप ग्रुमैन के इस कार्गो स्पेसशिप को लॉन्च किया गया। हालांकि लॉन्चिंग से ठीक 2
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दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.48 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 58 लाख 89 हजार 759 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10.33 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। फ्रांस में तमाम कोशिशों के बावजूद संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा कम नहीं हो रहा है। यहां शुक्रवार को फिर 12 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए।
फ्रांस: बेकाबू संक्रमण
फ्रांस में सरकार ने विरोध के बावजूद कई नए प्रतिबंध लगाए हैं। लेकिन, इनका असर अब तक देखने नहीं मिला है। कम से कम आंकड़े तो यही बताते हैं कि दूसरी लहर पर काबू पाने में कामयाबी नहीं मिली है। शुक्रवार को यहां कुल 12 हजार 148 मामले सामने आए। गुरुवार को 13 हजार 970 केस सामने आए थे। बीते दो हफ्ते में यहां कुल मिलाकर दो लाख से ज्यादा नए केस सामने आ चुके हैं। सरकार ने रविवार से राजधानी पेरिस के बार और रेस्टोरेंट्स बंद करने का फैसला किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा फिलहाल नहीं की गई है। टूरिस्ट प्लेस को लेकर आज नई गाइडलाइन जारी की जा सकती है। कुछ बॉर्डर को सील किया जा सकता है।
कोलंबिया : राजधानी में खतरा ज्यादा
कोलंबिया की राजधानी बोगाटा में संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा बाकी शहरों के मुकाबले ज्यादा घातक साबित हो सकता है। हालांकि, राजधानी की मेयर क्लाउडिया लोपेज मानती हैं कि प्रशासन ने इससे निपटने की तैयारी की है और इसलिए इस पर काबू पाने में कामयाबी हासिल होगी। क्लाउडिया ने कहा- हम मानते हैं कि दूसरी लहर नवंबर या दिसंबर या इसके पहले भी राजधानी को गिरफ्त में ले सकता है। लेकिन, हमने तैयारियां की हैं। उम्मीद है कि यह पहली लहर की तरह खतरनाक साबित नहीं होगी।
कोलंबिया में पांच महीने से लॉकडाउन है। हालांकि, प्रतिबंधों में काफी हद तक ढील दी जा चुकी है। सितंबर से कुछ रेस्टोरेंट्स भी खोले गए हैं। सरकार का कहना है कि छोटे शहरों और स्लम एरिया में संक्रमण का खतरा टला नहीं है।
कोलंबिया की राजधानी बोगाटा में एक व्यक्ति का टेम्परेचर चेक करता हेल्थ वर्कर। यहां की मेयर ने माना है कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा है और राजधानी पर इसका सबसे ज्यादा असर हो सकता है। (फाइल)
चीन : 10 नए केस
चीन में शुक्रवार को 10 नए मामले सामने आए। गुरुवार को भी इतने ही केस सामने आए थे। नेशनल हेल्थ कमिशन ने एक बयान में कहा- जिन लोगों को संक्रमित पाया गया है, वे सभी दूसरे देशों से चीन आए थे। स्थानीय संक्रमण के कोई संकेत या सबूत नहीं मिले हैं। देश में फिलहाल, 189 एक्टिव केस हैं। इनमें से कुछ मरीजों की हालत गंभीर है। इसके अलावा चार मामलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। चीन में अब तक कुल 85,434 मामले सामने आए हैं। मरने वालों की संख्या 4,634 हो चुकी है।
चीन की राजधानी बीजिंग में मौजूद लोग। शुक्रवार को यहां लगातार दूसरे दिन 10 मामले सामने आए। 4 की पुष्टि होनी बाकी है। (फाइल)
स्पेन : मैड्रिड लॉकडाउन के लिए तैयार
स्पेन की राजधानी मैड्रिड में सरकार ने कुछ हॉटस्पॉट्स की पहचान की है। सरकार का कहना है कि यहां लॉकडाउन लगाए बिना संक्रमण रोकना आसान नहीं है। लेकिन, स्थानीय प्रशासन और लोग केंद्र के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। परेशानी की बात यह है कि दो हफ्ते में यहां एक लाख 33 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं और सरकार की फिक्र का सबब भी यही आंकड़ा है। हेल्थ मिनिस्टर साल्वाडोर इले ने कहा- मैड्रिड की हेल्थ ही स्पेन की हेल्थ भी है। हमने नियमों की नई सूची तैयार कर ली है और इसे जल्द लागू करेंगे। मैड्रिड में 9 उपनगरीय इलाके हैं। यहां करीब 30 लाख लोग रहते हैं। फिलहाल, बाहर से आने वालों पर बैन लगाया गया है।
शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शनिवार) सुबह 10 बजे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सभी मौसम में खुली रहने वाली अटल सुरंग का हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में उद्घाटन करेंगे। इस सुरंग के कारण मनाली और लेह के बीच की दूरी 46
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कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को मेरीलैंड के वॉल्टर रीड हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। उन्हें हल्का बुखार, सर्दी और सांस लेने में कुछ परेशानी बताई गई है। आज ट्रम्प के कुछ और टेस्ट किए जाएंगे। उन्हें कुछ दिन हॉस्पिटल में रहना होगा।
ट्रम्प की गैरमौजूदगी में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी उप राष्ट्रपति माइक पेन्स और सीनेट स्पीकर नैंसी पेलोसी संभालेंगे। हालांकि, बतौर राष्ट्रपति ट्रम्प अपना काम हॉस्पिटल से ही करेंगे। शुक्रवार को हॉस्पिटल पहुंचने के बाद ट्रम्प ने 18 सेकंड के वीडियो मैसेज में कहा- मैं ठीक हूं, और सावधानी के तौर पर हॉस्पिटल आया हूं। मेलानिया भी ठीक हैं।
कमजोर नजर आए ट्रम्प
शुक्रवार को जब ट्रम्प मैरीन वन हेलिकॉप्टर से हॉस्पिटल पहुंचे तो उन्हें देखकर साफ तौर पर कहा जा सकता था कि वे चलने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने नीले रंग का मास्क लगाया था, जो आमतौर पर वे नहीं लगाते। मीडिया की तरफ उन्हें थम्सअप का विक्ट्री साइन दिखाया।
राष्ट्रपति के करीबियों की मानें तो वे फिलहाल, उपराष्ट्रपति को पावर ट्रांसफर नहीं करेंगे। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जूड डीर ने कहा- राष्ट्रपति का चार्ज उन्हीं के पास है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव प्रचार की कमान अब उप राष्ट्रपति माइक पेन्स के पास रहेगी। नैंसी पेलोसी उनकी मदद करेंगी। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी ने अब तक आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा है।
मास्क पहनते तो संक्रमित न होते
ट्रम्प पिछले कुछ महीनों से लगातार डेमोक्रेटिक कैंडिडेट जो बाइडेन के हर वक्त मास्क पहनने का मजाक उड़ाते रहे। सिर्फ दो मौकों पर उन्होंने मास्क पहना। वे इसे गैरजरूरी और तकलीफदेह बताने से भी नहीं चूके। संक्रमित होने के बाद हॉस्पिटल पहुंचे तो मास्क चेहरे पर था। पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट डॉक्टर डेविड नेस ने कहा- अगर ट्रम्प ने मास्क लगाया होता तो वे संक्रमित नहीं होते। जो लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं, उनको संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा है।
वाशिंगटन। कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इलाज के लिए अस्पताल में शिफ्ट हो गए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप को वाल्टर रीड आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है जहां से वो कई दिनों के अपने सरकारी
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भोपाल। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में हाथरस जैसी दर्दनाक घटना सामने आई है। नरसिंहपुर के रिछाई गांव के चीचली थाने में जब गैंगरैप की पीड़िता की रिपोर्ट पुलिस ने नहीं लिखी तो पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दरअसल, पीड़िता
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पत्नी मेलानिया कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। चुनाव में पांच हफ्ते से भी कम वक्त बचा है। लिहाजा, ट्रम्प के लिए यह मुश्किल दौर है। सवाल ये है कि क्या वे संक्रमण से उबरने के बाद भी कैम्पेन में हिस्सा ले पाएंगे। अगर वे कामकाज नहीं कर पाए तो फिलहाल उनकी जिम्मेदारी उप राष्ट्रपति माइक पेन्स निभाएंगे। अगर पेन्स भी पॉजिटिव हो जाते हैं तो सीनेट स्पीकर नैंसी पेलोसी यह जिम्मेदारी निभाएंगी।
लापरवाह रवैये का खामियाजा
ट्रम्प कई महीनों या कहें महामारी की शुरुआत से ही इसकी गंभीरता को नजरअंदाज करते दिखे। इसे मामूली फ्लू बताते रहे। मास्क को भी गंभीरता से नहीं लिया। जबकि, अमेरिका में मौतों का आंकड़ा 2 लाख से ज्यादा हो गया है। वे कहते रहे- वायरस जल्द ही गायब हो जाएगा, इस पर काबू पा लिया गया है। वैज्ञानिकों का मजाक भी उड़ाया। जिस दिन राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। 1 हजार लोगों को साथ ले गए। रैलियों में हजारों लोग जुटे। न राष्ट्रपति ने मास्क लगाया और न समर्थकों ने।
मेडिकल एडवाइज भी नहीं मानी
ट्रम्प जिंदगी के 80वें दशक में हैं। रिसर्च बताते हैं कि 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा है। अमेरिका में जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई, उनमें हर 10 में से 8 व्यक्ति 65 साल या इससे ज्यादा उम्र के थे। ट्रम्प अपनी सेहत के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं देते। नवंबर में वे वॉशिंगटन के मिलिट्री मेडिकल सेंटर गए थे। तब कुछ कयास लगाए गए थे। उनकी लंबाई 1.9 मीटर (6.2 फीट) है। लेकिन, इसके लिहाज से वजन (110.2 किलोग्राम) ज्यादा है। हाई कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत है। लेकिन, उनके डॉक्टर राष्ट्रपति की सेहत ‘बेहतरीन’ बताते हैं।
व्हाइट हाउस ने क्या किया
व्हाइट हाउस का ज्यादातर स्टाफ वर्क फ्रॉम होम है। जो ऑफिस आ रहे हैं, उन्हें मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होता है। ट्रम्प और पेन्स के अलावा जो उनके संपर्क में रोज आते हैं, उनका भी डेली बेसिस पर टेस्ट किया जाता है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से व्हाइट हाउस का ज्यादातर स्टाफ मास्क नहीं लगा रहा। कम से कम जब राष्ट्रपति मौजूद हैं तो वे मास्क बिल्कुल नहीं लगाते, क्योंकि ट्रम्प खुद भी यही करते हैं। अब अगर, ट्रम्प में संक्रमण के लक्षण पाए जाते हैं या वे ज्यादा बीमार होते हैं तो हालात खराब हो जाएंगे।
संविधान क्या कहता है
अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति की सेहत ठीक न हो और इस वजह से वे काम न कर पा रहे हैं तो अस्थायी तौर पर उनके पावर्स यानी शक्तियां वाइस प्रेसिडेंट को ट्रांसफर हो जाती हैं। पहली बार यह कानून 1967 में बना। 1985 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की सर्जरी हुई। उन्होंने कुछ वक्त के लिए अपने पावर्स तब के उप राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश को सौंप दिए। जब बुश राष्ट्रपति बने तो 2002 और 2007 में दो बार उन्होंने अपनी शक्तियां उप राष्ट्रपति डिक चेनी को सौंपीं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैली मैकेनी के मुताबिक, हम राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति दोनों को स्वस्थ रखेंगे। फिलहाल, वे स्वस्थ ही हैं और ऐसे ही रहेंगे। अमेरिकी इतिहास में सिर्फ दो राष्ट्रपति पद पर रहते हुए गंभीर रूप से बीमार हुए। पहले थे- जॉर्ज वॉशिंगटन। उन्हें इन्फ्लूएंजा हुआ था। दूसरे वुडरो विल्स। उन्हें भी यही बीमारी हुई थी।
चार राष्ट्रपति मारे गए
अमेरिकी इतिहास में चार राष्ट्रपति ऐसे हुए, जिनका निधन पद पर रहते हुए और प्राकृतिक कारणों से हुआ। ये थे- विलिमय हेनरी हैरिसन, जेचेरी टेलर, वॉरेन जी. हार्डिंग और फ्रेंकलिन डी. रूजवेल्ट। अब्राहम लिंकन, जेम्स ए. गारफील्ड, विलियम मैक्केनले और जॉन एफ कैनेडी की कार्यकाल के दौरान हत्या कर दी गई थी। हालांकि, रीगन (1981) के बाद ट्रम्प पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जो पद पर रहते हुए इतनी गंभीर बीमारी से पीड़ित हुए।
कोरोना के चलते 2 अक्टूबर को भारत में मौतों का आंकड़ा 1 लाख को पार कर गया। अमेरिका और ब्राजील के बाद अब भारत कोरोना से होने वाली मौतों के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर है। भारत में कोरोना से होने वाली पहली मौत के 204 दिनों के बाद यह संख्या 1 लाख मौतों तक पहुंची है। वहीं, ब्राजील में यह आंकड़ा 158 दिनों में ही पहुंच चुका था, जबकि अमेरिका में शुरुआती 1 लाख मौतें 83 दिनों में हुई थीं।
भारत में कोरोना का पहला केस 30 जनवरी को, पहली मौत 12 मार्च को
भारत में कोरोनावायरस का पहला केस 30 जनवरी को केरल में सामने आया था। चीन के वुहान से लौटे एक छात्र में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए थे। जबकि भारत में कोरोना वायरस से पहली मौत 12 मार्च को कर्नाटक के कलबुर्गी में 76 साल के एक शख्स की हुई थी जो सऊदी अरब से लौटा था। जब भारत में कोरोना से पहली मौत हुई उस वक्त देश में महज 75 केस सामने आए थे।
अब जब भारत में मौतों का आंकड़ा एक लाख पार हो चुका है और भारत में कुल केसों की संख्या 64 लाख से ज्यादा है। वहीं वर्तमान में देश में कोरोना से होने वाली मौतों का औसत डेथ रेट 2 प्रतिशत है। भारत में कोरोना से पहली मौत 12 मार्च को हुई। इसके 48 दिनों बाद इन मौतों का आंकड़ा 1000 पहुंच गया।
वहीं अगले 78 दिनों में मौतों की यह संख्या 10 गुना बढ़कर 10 हजार पहुंच गई। फिर अगले 31 दिनों में मौतों का आंकड़ा 50 हजार के पार पहुंच गया। अगले 48 दिनों में यह आंकड़ा 1 लाख मौतों तक पहुंच चुका है।
कोरोना से होने वाली मौतों में अमेरिका सबसे आगे, भारत तीसरे नंबर पर
दुनिया में अब तक कोरोना से 3 करोड़ 46 लाख से ज्यादा केस हो चुके हैं और 10 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। कोरोना से होने वाली मौतों का औसत डेथ रेट 4% है। कोरोना से होने वाली सबसे ज्यादा मौतों वाले टॉप- 10 देशों की सूची में अमेरिका, ब्राजील और भारत के अलावा मेक्सिको, यूके, इटली, पेरू, फ्रांस, स्पेन और ईरान जैसे देश शामिल हैं।
अमेरिका में अब तक 2.12 लाख मौतें
अमेरिका में कोराेनावायरस के चलते 2.12 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां कोरोना का पहला मामला 15 फरवरी को आया था और 29 फरवरी को इस वायरस से पहली मौत हुई थी। वहीं मौतों के मामले में दूसरे नंबर आने वाले देश ब्राजील में अब तक 1.44 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां पहला मामला 25 फरवरी का आया और पहली मौत 17 मार्च को हुई।
इटली में शुरुआती दो महीनाें में हुईं 24 हजार से ज्यादा मौतें
इटली में शुरुआती दिनों में मौतों का आंकड़ा काफी तेजी से बढ़ा था। यहां पहली मौत 21 फरवरी को हुई और इसके एक महीने के अंदर ही 4,841 मौतें हो गईं। वहीं 60 दिनों में यह आंकड़ा 24,710 मौतों तक पहुंच चुका था। मई के बाद यहां मौतों की संख्या में कमी आना शुरू हुई। पहले केस के 242 दिन बाद और पहली मौत के 224 दिनों के बाद यहां अब 35,941 मौतें हो चुकी हैं। फिलहाल काेरोना से होने वाली मौतों के मामले में इटली छठवें स्थान पर है।
फ्रांस में सबसे ज्यादा डेथ रेट, भारत में सबसे कम
कोरोना से होने वाली मौतों में शामिल टॉप-10 देशों में फ्रांस ऐसा देश है, जहां डेथ रेट 25 प्रतिशत है। यहां कोरोना का पहला केस मिलने के 251 दिनों में 31 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। डेथ रेट के मामले में लिस्ट में दूसरे नंबर पर इटली और तीसरे नंबर पर मेक्सिको है। टॉप-10 देशों में सबसे कम डेथ रेट भारत का है, यहां 2 प्रतिशत डेथ रेट है।
जनसंख्या के लिहाज से डेथ रेट के मामलों में पेरू सबसे आगे
जनसंख्या के लिहाज से डेथ रेट के मामलों में टॉप-10 देशों में पेरू सबसे आगे है। यहां हर दस लाख लोगों में से 983 लोगों की मौतें हो रही हैं। वहीं भारत में हर दस लाख लोगों में से 73 मौतें हो रही हैं।
मौतों और संक्रमण को लेकर 6 फैक्ट्स
1. अमेरिका की रिसर्च - अंग्रेजी नहीं बोलने वाले अमेरिकन को कोरोना का खतरा ज्यादा
कोरोना संक्रमण के बीच अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कोरोना और भाषा के बीच भी कनेक्शन ढूंढ निकाला है। यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन स्कूल ऑफ मेडिसिन ने अपनी रिसर्च में दावा किया है कि जो अमेरिकन अंग्रेजी नहीं बोलते उन्हें कोरोना होने का खतरा ज्यादा है। अमेरिका के ऐसे लोग जिनकी पहली भाषा स्पेनिश या कम्बोडियन है, उनमें कोरोना का संक्रमण होने का खतरा 5 गुना ज्यादा है। रिसर्च के लिए 300 मोबाइल क्लीनिक और 3 हॉस्पिटल्स में आए कोरोना मरीजों की जांच के आंकड़े जुटाए गए थे।
2.ब्रिटेन की रिसर्च - यहां अश्वेत-अल्पसंख्यक ज्यादा संक्रमित हुए
नेशनल हेल्थ सर्विसेज के अस्पतालों के मई के आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन में कोरोनावायरस का संक्रमण और इससे मौतों का सबसे ज्यादा खतरा अश्वेत, एशियाई और अल्पसंख्यकों को है। अस्पतालों से जारी आंकड़ों के मुताबिक, गोरों के मुकाबले अश्वेतों में संक्रमण के बाद मौत का आंकड़ा दोगुना है। अश्वेत, एशियाई और अल्पसंख्यकों को यहां बेम (BAME) कहते हैं जिसका मतलब है- ब्लैक, एशियन एंड माइनॉरिटी एथनिक।
'द टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एनएचएस के अस्पतालों ने जो आंकड़ा जारी किया है उसके मुताबिक, 1 हजार लोगों पर 23 ब्रिटिश, 27 एशियन और 43 अश्वेत लोगों की मौत हुई। एक हजार लोगों में 69 मौतों के साथ सबसे ज्यादा खतरा कैरेबियाई लोगों को था, वहीं सबसे कम खतरा बांग्लादेशियों (22) को था।
3. स्पेन की रिसर्च - जिंक की कमी से जूझने वाले को मौत का खतरा दो गुना
स्पेन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ऐसे लोग जो जिंक की कमी से जूझ रहे हैं उन्हें कोरोना का संक्रमण होता है तो मौत का खतरा दो गुना से अधिक है। कोरोना के जिन मरीजों में जिंक की कमी होती है, उनमें सूजन के मामले बढ़ते हैं। यह मौत का खतरा बढ़ाता है।
बार्सिलोना के टर्शियरी यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के रिसर्चर ने 15 मार्च से 30 अप्रैल 2020 तक कोरोना के मरीजों पर रिसर्च की। रिसर्च में कोरोना के ऐसे मरीजों को शामिल किया गया है जिनकी हालत बेहद नाजुक थी। उनकी सेहत, लोकेशन से जुड़े आंकड़ों, पहले से हुई बीमारियों को रिकॉर्ड किया गया।
4.चीन की रिसर्च - चश्मा न लगाने वालों में संक्रमण का खतरा
मेडिकल जर्नल ऑफ वायरोलॉजी में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, कोरोना वायरस आंखों के जरिए भी शरीर में पहुंच सकता है। रिसर्च करने वाले चीन की शुझाउ झेंगडू हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं का कहना है, जो लोग दिन में 8 घंटे से अधिक चश्मा लगाते हैं उनमें कोरोना का संक्रमण होने का खतरा कम है।
रिसर्चर्स का कहना है, हवा में मौजूद कोरोना के कण सबसे ज्यादा नाक के जरिए शरीर में पहुंचते हैं। नाक और आंख में एक ही तरह की मेम्ब्रेन लाइनिंग होती है। अगर कोरोना दोनों में किसी भी हिस्से की म्यूकस मेम्ब्रेन तक पहुंचता है तो यह आसानी से संक्रमित कर सकता है। इसलिए आंखों में कोरोना का संक्रमण होने पर मरीजों में कंजेक्टिवाइटिस जैसे लक्षण दिखते हैं।
वहीं अगर आप चश्मा पहनते हैं तो यह बैरियर की तरह काम करता है और संक्रमित ड्रॉपलेंट्स को आंखों में पहुंचने से रोकता है। इसलिए ऐसे चश्मे लगाना ज्यादा बेहतर है जो चारों तरफ से आंखों को सुरक्षा देते हैं।
5. ऑस्ट्रेलिया की रिसर्च - O+ ब्लड ग्रुप वालों को कम होता है संक्रमण
ऑस्ट्रेलिया में करीब 10 लाख लोगों के डीएनए पर हुई एक रिसर्च में पाया गया कि O+ ब्लड ग्रुप वालों पर वायरस का असर कम होता है। इससे पहले हार्वर्ड से भी रिपोर्ट आयी थी, लेकिन उसमें कहा गया था कि O+ वाले लोग कोरोना पॉजिटिव कम हैं, लेकिन सीवियरिटी और डेथ रेट में बाकियों की तुलना में कोई फर्क नहीं है।
6. सीडीसी के निदेशक का दावा : वैक्सीन से 70% और मास्क से 80-85% तक सुरक्षा
जब तक कोरोना की दवा नहीं आती, तब तक लोगों को मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। मास्क को ही लेकर सीडीसी, अमेरिका के निदेशक रॉबर्ट रेडफील्ड ने कहा कि मास्क वैक्सीन से भी ज्यादा प्रभावी है। रॉबर्ट ने यह बात पूरी दुनिया में मास्क पर हुए बहुत सारी स्टडीज़ के आधार पर कही है। अगर दो लोग आमने-सामने बैठे हुए हैं और मास्क लगाए हैं, सुरक्षित दूरी बनाए हैं, तो सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है।
लेकिन, जरूरी है कि मास्क सही से लगाया गया हो, मुंह और नाक अच्छी तरह से ढका हुआ है। वायरस से प्रोटेक्शन के लिए एंटीबॉडी होते हैं, जो वैक्सीन देने के बाद लोगों के शरीर में करीब 70 प्रतिशत ही बन पाते हैं, जबकि मास्क से 80-85 प्रतिशत तक सुरक्षा मिलती है।
वॉशिंगटन। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 151वें जन्मदिन के मौके पर अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने श्रद्धांजलि दी है। गांधी जयंती के मौके पर कांग्रेस सदस्य रोहित खन्ना ने गांधी जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, न्याय के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ लड़ाई
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नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का कहर अब भी जारी है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटे में 81,484 नए मामले सामने आए हैं और 1,095 मरीजों की मौत हुई है। अब देश में
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नई दिल्ली। इस त्योहारी मौसम में भारतीय रेलवे यात्रियों को एक बड़ा तोहफा देने जा रहा है। रेलवे 15 अक्टूबर और 30 नवंबर के बीच 200 अतिरिक्त विशेष ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है। इसे लेकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन
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नई दिल्ली। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। सोनिया गांधी ने कहा कि आज जब हम महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिन मना
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आज है दो अक्टूबर का दिन,आज का दिन बड़ा महान, आज के दिन दो फूल खिले थे, जिनसे महका हिंदुस्तान.. जी हां आज देश के दो महान सपूतों का जन्मदिन है, जिनके प्रति पूरा राष्ट्र कृतज्ञ है, आज के ही दिन भारत
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नई दिल्ली: Gandhi Jayanti 2020: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की आज 151वीं जयंती है। गांधी जी 18 जनवरी, 1948 को अपना अंतिम उपवास समाप्त करने के नौ दिन बाद 27 जनवरी 1948 को दिल्ली में पवित्रता और शांति लाने के
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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पत्नी मेलानिया ने खुद को व्हाइट हाउस में क्वारंटाइन कर लिया है। ट्रंप की सलाहकार होप हिक्स, कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और इसके चलते दोनों ने क्वारंटाइन होने का फैसला किया है। डोनाल्ड और
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नई दिल्ली। सुदर्शन टीवी चैनल के कार्यक्रम यूपीएससी जिहाद के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच सुनवाई करेगी। इस बेंच में अब बदलाव किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच में अब जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, इंदू
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नई दिल्ली। गांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर बापू की समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित किए और नमन किया। कुछ देर राजघाट पर रुकने के बाद
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भारत की शह पर फौज को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। वहीं, नवाज शरीफ ने कहा- पाकिस्तान में दो सरकारें चल रही हैं। नवाज का इशारा साफ तौर पर इमरान और पाकिस्तानी सेना की तरफ था।
नवाज और विपक्षी गठबंधन इमरान सरकार के खिलाफ मोर्चा बना चुका है। सरकार ने फौज के साथ मिलकर विपक्ष के ज्यादातर बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया है। नवाज फिलहाल लंदन में इलाज करा रहे हैं।
भारत के हाथों में खेल रहे हैं नवाज
इमरान ने गुरुवार को एक इंटरव्यू में कहा- हमारी सरकार और फौज के बीच मजबूत और बहुत अच्छे रिश्ते हैं। लेकिन, नवाज खतरनाक खेल में फंस गए हैं। वे भारत की मदद और शह लेकर पाकिस्तानी फौज को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। पहले यही साजिश एमक्यूएम के लीडर अल्ताफ हुसैन ने भी रची थी। फौज से मेरी सरकार के जितने बेहतर रिश्ते हैं, उतने मुल्क के इतिहास में किसी सरकार के नहीं रहे। मैं 100 फीसदी भरोसे और दावे के साथ कह सकता हूं कि नवाज को भारत की मदद मिल रही है।
पाकिस्तान इसलिए महफूज
एक सवाल के जवाब में इमरान ने कहा- लीबिया, सीरिया, इराक, अफगानिस्तान और यमन को देख लीजिए। मैं इन मुल्कों की मिसाल देता हूं। ये सब जल रहे हैं। अगर हमारे पास इतनी अच्छी आर्मी नहीं होती तो हमारा मुल्क भी अब तक तीन हिस्सों में बंट चुका होता। भारत के थिंक टैंक तो साफ तौर पर कहते हैं कि वे पाकिस्तान को तोड़कर रहेंगे। नवाज मुल्क को धोखा दे रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि वे कायर हैं।
और नवाज का जवाब
नवाज ने इमरान के आरोपों का वही जवाब दिया और पिछले दिनों से दे रहे हैं। लंदन से वीडियो लिंक के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्होंने बातचीत की। कहा- पाकिस्तान में इस वक्त दो हुकूमतें यानी सरकारें हैं। और इन दोहरे मापदंडों या दोहरी जिम्मेदारियों पर मेरी पार्टी और मैं चुप नहीं बैठेंगे।
नवाज ने कहा- हम हर कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं। मेरे छोटे भाई को जेल भेज दिया गया है। फौज का नाम लिए बिना नवाज ने उस पर फिर तीखा हमला किया। कहा- मैं दो पावर सेंटर की बात क्यों कर रहा हूं। ये सब जानते हैं। इस मामले में इमरान तो हैं ही। लेकिन, सबसे ज्यादा जिम्मेदार पर्दे के पीछे बैठे वो लोग हैं, जो इमरान को साजिशें रचकर सत्ता में लाए। गुरुवार को ही शरीफ परिवार की प्रॉपर्टीज सीज करने के ऑर्डर दिए गए थे।
नई दिल्ली। आज भारत को 'जय जवान और जय किसान' का नारा देने वाले देश के लाल और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिवस है। 'सादा जीवन उच्च विचार' के साक्षात उदाहरण लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904
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नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को हम प्यार से बापू कहते हैं। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रमुख चेहरा बने महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को स्वतंत्रता दिलाई थी। ये गांधी की तपस्या ही थी
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में युवती के साथ कथित तौर पर गैंगरेप की घटना के बाद उसकी मौत हो गई, उसने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। विपक्ष लगातार प्रदेश की सरकार और पुलिस प्रशासन पर हमलावर है।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। एक के बाद एक अलग-अलग शहरों गैंगरेप की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस बीच शाहजहांपुर में पुलिस स्टेशन पर हमले की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार तकरीबन 50
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हर अमेरिकी को, फिर चाहे उसका राजनीतिक झुकाव या विचारधारा कोई भी हो, उसे मंगलवार को हुई प्रेसिडेंशियल बहस जरूर देखनी चाहिए। और आगे आने वाली दोनों डिबेट्स का हर मिनट गौर से देखना चाहिए।
ट्रम्प का बर्ताव राष्ट्रीय शर्म की बात
डिबेट स्टेज पर ट्रम्प ने जो कुछ किया, वो हर लिहाज से राष्ट्रीय शर्म की बात है। उन्होंने व्हाइट सुपरमेसिस्ट्स यानी श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ बताने वाली विचारधारा की निंदा करना तो दूर, उन्हें गलत ठहराने से भी इनकार कर दिया। न ही ये भरोसा दिलाया कि वे चुनाव के नतीजों को स्वीकार करेंगे। हर अमेरिकी की यह जिम्मेदारी है कि वो इस बहस को देखे, सुने और इस पर विचार करे। किसी बात की जानकारी न होना, तर्क नहीं होता। कंजर्वेटिव्स या रिपब्लिकन अब बहुत ज्यादा देर तक इस सच्चाई को दरकिनार नहीं कर सकते कि ट्रम्प इस देश यानी अमेरिका के सिद्धांत और एकता को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
यह मुश्किल वक्त है
यह मुश्किल वक्त है। लेकिन, ऐसे कितने अमेरिकी हैं जो किसी विदेशी चुनाव में राष्ट्रपति को इस तरह का बर्ताव करते हुए देखना चाहेंगे। ऐसा राष्ट्रपति जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को धांधली और धोखा बताए। हथियारबंद लोगों और हिंसा का समर्थन करे। श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ बताए और अपने राजनीतिक विरोधियों से हर मसले पर उलझे।
दुखदायी था इस बहस को देखना
हर वो अमेरिकी जो इस देश से प्रेम करता है, और जिसने यह बहस देखी। उसे बहुत दुख हुआ होगा। गलत खबरों के जरिए भ्रम फैलाया जा रहा है, साजिशें रची जा रही है। राजनीतिक परंपराओं को खत्म किया जा रहा है। यह कोशिश की जा रही है कि लोग सच और झूठ में फर्क न कर पाएं। महामारी में हजारों लोग मारे गए। व्यवस्थाएं खराब हो गईं। और ये सब वो सरकार कर रही है, जिसे अधिकांश अमेरिकियों की सरकार तो नहीं कहा जा सकता।
इस डिबेट में एक नेता ऐसा था जो देश के लोगों को साथ लाने की कोशिश कर रहा था। दूसरा नेता ऐसा था जिसका खुद पर ही काबू नहीं था। भाषा अजीब और खराब थी।
ट्रम्प भी सच जानते हैं
राष्ट्रपति पांच साल तक झूठ बोलते रहे, लोगों का अपमान करते रहे। उनको इस बात की भी चिंता नहीं कि आप उन्हें भ्रष्ट और खुद में खोया रहने वाला मानते हैं। वे अपने खिलाफ बोलने वाले हर शख्स को खराब बताते हैं। वे यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि वे सबसे ज्यादा साहसी हैं। वे कोशिश कर रहे हैं कि अमेरिकी सही और गलत में फर्क ही न कर पाएं।
सच ये है कि ट्रम्प अब हताश हो चुके हैं। ये ट्रम्प भी जानते हैं और पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स भी कि वे चुनाव हारने के रास्ते पर चल रहे हैं। वे ज्यादा वोटरों तक पहुंचने की कोशिश नहीं कर रहे। कोई और राष्ट्रपति होता तो शायद ज्यादा से ज्यादा लोगों के पास पहुंचने की कोशिश करता।
वही पुराना रवैया
डिबेट के दौरान ट्रम्प ने वही सब किया, जो वे पिछले कई महीने से करते आ रहे हैं। ट्रम्प कहते हैं कि अगर वे नहीं जीते तो चुनाव गैरकानूनी हो जाएगा। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को यह धमकी सार्वजनिक रूप से दी जा रही है। डिबेट के दौरान मॉडरेटर क्रिस वॉलेस ने ट्रम्प से पूछा- क्या आप राइट विंग मिलिटेंट्स की निंदा करना चाहेंगे। खासतौर पर प्राउड बॉयज नाम के संगठन की। हिंसा के कई मामलों में उसका नाम आया है। राष्ट्रपति ने कहा कि खतरा वामपंथियों से है। कुछ लोगों ने ट्रम्प के इस कट्टर रवैये की तारीफ की।
लोकतंत्र मूल्यों का भी सम्मान नहीं
वॉलेस ने दोनों कैंडिडेट्स से पूछा- क्या वे चुनाव के नतीजे को मानेंगे। जो बाइडेन इससे सहमत थे। ट्रम्प ने इस मौके पर भी कहा कि धांधली हो सकती है। मेल इन बैलट्स पर भरोसा नहीं किया जा सकता। जबकि, एफबीआई तक कह चुकी है कि मेल इन बैलट्स में धांधली नहीं हो सकती। ट्रम्प अपने समर्थकों से कह रहे हैं कि वे चुनाव को बारीकी से देखें। वे समर्थकों से कह रहे हैं कि बाइडेन के प्रभाव वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जाए।
बाद में ट्रम्प ये भी कहते हैं कि चुनाव का फैसला सुप्रीम कोर्ट में होगा। लेकिन, राष्ट्रपति ये क्यों नहीं समझते कि चुनाव का फैसला सुप्रीम कोर्ट में नहीं होता। डिबेट में दोनों ही परफेक्ट नहीं रहे। कुछ लोग मांग कर रहे हैं कि बाइडेन को बाकी दो डिबेट में हिस्सा ही नहीं लेना चाहिए। लेकिन, उनके विरोधी तो यही चाहते हैं। बाइडेन को मजबूती से सामने आना चाहिए। क्योंकि, हर अमेरिकी यही चाहता है। लेकिन, हर अमेरिकी को वोट जरूर करना चाहिए। ट्रम्प जैसे तानाशाह को हराने के लिए। ताकि इस देश को एक बुरे दौर से बाहर निकाला जा सके।
दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.44 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 56 लाख 49 हजार 759 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10.27 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की एडवाइजर होप हिक्स भी संक्रमित हो गई हैं। हालिया दिनों में उन्होंने राष्ट्रपति के साथ कई यात्राएं की थीं।
अमेरिका : होप हिक्स पॉजिटिव
प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प की सीनियर एडवाइजर होप हिक्स पॉजिटिव पाई गई हैं। बुधवार रात वे राष्ट्रपति के दूसरे स्टाफ के साथ एयरफोर्स वन में थीं। इसके अलावा भी वे कई बार ट्रम्प के साथ अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों में गईं थीं। एयरफोर्स वन के अलावा वे हेलिकॉप्टर से ट्रम्प के साथ मिनेसोटा और लुसियाना भी गईं थीं। 29 सितंबर को पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान भी मौजूद थीं।
उपराष्ट्रपति माइक पेन्स, सलाहकार कैटी मिलर और एनएसए रॉबर्ट ओब्रायन भी पिछले दिनों पॉजिटिव पाए गए थे। हिक्स के पॉजिटिव आने के बाद व्हाइट हाउस के लगभग पूरे स्टाफ का फिर से टेस्ट किया जा रहा है। कुछ रिपोटर्स के भी टेस्ट कराए जा सकते हैं।
फ्रांस : पेरिस में रेस्टोरेंट्स बंद होंगे
फ्रांस में संक्रमण की दूसरी लहर सरकार पर बहुत भारी पड़ रही है। अब पेरिस में सभी रेस्टोरेंट्स और बार को बंद करने का फैसला किया गया है। हालांकि, इसके लिए रविवार तक इंतजार किया जाएगा। अगर संक्रमण की दर में गिरावट नहीं आती तो मैक्सिमम अलर्ट लेवल घोषित करते हुए यहां सभी गैर जरूरी दुकानें और मॉल भी बंद किए जाएंगे। यह जानकारी फ्रांस के हेल्थ मिनिस्टर ओलिवर वेरन ने दी। पिछले 24 घंटे में फ्रांस में कुल 13 हजार 970 मामले सामने आए। बुधवार को यहां 12 हजार से ज्यादा नए संक्रमित पाए गए थे।
सेंट्रल मैड्रिड के एक रेस्टोरेंट में मेज सैनिटाइज करता वेटर। मैड्रिड का स्थानीय प्रशासन पहले नए प्रतिबंधों का विरोध कर रहा था। लेकिन, शुक्रवार को वह इनके लिए तैयार हो गया। (फाइल)
इटली : यहां भी हालात बिगड़े
अप्रैल के बाद इटली में पहली बार एक दिन में 2 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। गुरुवार को यहां कुल 2 हजार 548 लोग पॉजिटिव पाए गए। इस बीच, सरकार ने कहा है कि हालात को देखते हुए स्टेट ऑफ इमरजेंसी यानी राष्ट्रीय आपातकाल जनवरी तक बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री गिसेप कोन्टे ने कहा- हम संसद में प्रस्ताव लाने जा रहे हैं। हालात बहुत बेहतर नहीं हैं, इसलिए आपातकाल बनाए रखने और इसे बढ़ाने के अलावा फिलहाल सरकार के पास कोई और रास्ता नहीं है। और ये स्थिति पूरे यूरोप के सामने है।
रोम के एक टूरिस्ट प्लेस के बाहर मौजूद लोग। इटली सरकार ने महामारी के मद्देनजर राष्ट्रीय आपातकाल जनवरी तक बढ़ाने पर फैसला किया है। (फाइल)
इजराइल : विरोध भी मुश्किल
इजराइल में पिछले कुछ दिनों से लोग प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि सरकार कोरोनावायरस की रोकथाम के नाम पर मनमाने प्रतिबंध लगा रही है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस्तीफे की मांग की जा रही है। लेकिन, सरकार ने भी सख्त रुख अपना लिया है। संसद में एक कानून पास किया गया है। इसके तहत अब विरोध प्रदर्शन गैरकानूनी होंगे और ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जा सकेगा। नए कानून के तहत लोग एक किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा भी नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा 20 से ज्यादा लोगों के एक जगह जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है। सरकार का कहना है कि वैक्सीन अब तक नहीं आई है और संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा है। लिहाजा, सख्ती जरूरी है।
स्पेन : मैड्रिड लॉकडाउन की ओर
स्पेन की राजधानी मैड्रिड में सरकार ने कुछ हॉटस्पॉट्स की पहचान की है। सरकार का कहना है कि यहां लॉकडाउन लगाए बिना संक्रमण रोकना आसान नहीं है। पहले, स्थानीय प्रशासन और लोग केंद्र के इस फैसले का विरोध कर रहे थे। लेकिन, सरकार के सख्त रुख को देखते हुए वे अब प्रतिबंधों का सामना करने तैयार हो गए हैं। परेशानी की बात यह है कि दो हफ्ते में यहां एक लाख 33 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं और सरकार की फिक्र का सबब भी यही आंकड़ा है। हेल्थ मिनिस्टर साल्वाडोर इले ने कहा- मैड्रिड की हेल्थ ही स्पेन की हेल्थ भी है। हमने नियमों की नई सूची तैयार कर ली है और इसे जल्द लागू करेंगे। मैड्रिड में 9 उपनगरीय इलाके हैं। यहां करीब 30 लाख लोग रहते हैं। फिलहाल, बाहर से आने वालों पर बैन लगाया गया है।
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच एलएसी पर पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच यहां तनाव कि स्थिति लगातार बनी हुई है। चीन अपना विस्तारवादी नीतियों से बाज नहीं आ रहा है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक समिट का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज शाम 6.30 बजे इस समिट का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी तमाम वैज्ञानिकों से सीधा संवाद करेंगे। इस बाबत प्रधानमंत्री मोदी
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पाकिस्तान में पेशावर स्थित किस्सा ख्वानी बाजार बॉलीवुड से अपने कनेक्शन को लेकर फिर चर्चा में है। यहां फिल्म अभिनेता राज कपूर, दिलीप कुमार और शाहरुख खान के पुश्तैनी घर महज 800 मीटर के दायरे में हैं। राज्य सरकार ने राज कपूर और दिलीप कुमार के 100 साल पुराने घरों को खरीदकर उसे संरक्षित करने की बात कही है। लेकिन ये दोनों घर जर्जर हो चुके हैं।
जब हम दिलीप कुमार के घर पहुंचे तो देखा कि इस जर्जर इमारत में लोग कचरा डंप कर रहे हैं। इन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। घर की पांच में 3 मंजिला पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। इसके मालिक ने सुध लेना बंद कर दिया है। ऐसी ही स्थिति राज कपूर के पुश्तैनी घर कपूर हवेली की भी है। 40 से 50 कमरे वाली यह शानदार पांच मंजिला इमारत का टॉप और चौथा फ्लोर ढह चुका है। बाकी बिल्डिंग भी जर्जर हो चुकी है।
इमारत राष्ट्रीय धरोहर घोषित
ये हालात तब हैं, जब 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इन घरों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था। पर संरक्षित करने के लिए कोई झांकने तक नहीं पहुंचा। यहीं नहीं, 2018 में भी राज्य सरकार ने दोनों घरों को खरीदकर इन्हें म्यूजियम में बदलने के लिए राशि जारी करने की बात कही थी। लेकिन रेट तय करने के लिए इनके मौजूदा मालिकों से संपर्क तक नहीं किया।
किस्सा ख्वानी बाजार में जर्जर हाल में दिलीप कुमार का घर।
हवेली 12 साल से भुतहा बनी हुई है
कपूर हवेली के मौजूदा मालिक हाजी इसरार शाह कहते हैं, ‘मुझे बॉलीवुड पर राज करने वाले राज कपूर की हवेली का मालिक होने पर गर्व है। अगर सरकार इसे खरीदकर म्यूजियम बनी है, तो मुझे बहुत खुशी होगी। लेकिन अगर बात नहीं बनती तो मैं इस बिल्डिंग की जगह मल्टी स्टोरी सिनेमा घर बनाऊंगा।’ हवेली के पड़ोस में रहने वाले और पूर्व मेयर अब्दुल हकीम सफी बताते हैं कि यह हवेली 12 साल से भुतहा बनी हुई है।
इसके मालिक कभी-कभी ही यहां दिखाई पड़ते हैं। आसपास के लोगों को डर है कि यह जर्जर हवेली कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वहीं दिलीप कुमार के घर के मालिक ने सरकार से 200 करोड़ रुपए की मांग की है।
शहर के डिप्टी कमिश्नर कहते हैं कि हम इन घरों की कीमत तय करने पर काम कर रहे हैं। सरकार ने ऐतिहासिक घरों को संरक्षित करने के लिए 400 करोड़ रुपए का फंड जारी किया है। जल्द ही ये इमारतें खरीदने का काम पूरा हो जाएगा।
कपूर हवेली में मैरिज पार्टी के लिए 6 महीने वेटिंग रहती थी
शादी की पार्टी देने के लिए यह हवेली लोगों की पहली पसंद होती थी। नियाज शाह बताते हैं कि हवेली में बुकिंग नहीं मिलने के चलते बेटी की शादी 6 महीने आगे बढ़ानी पड़ी थी। 2005 के भूकंप से हवेली को नुकसान पहुंचा और यह गतिविधि बंद हो गई।
पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण फैलाने वाले चीन ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को देश की स्थापना की 71वीं सालगिरह मनाई। इसे नेशनल-डे भी कहा जाता है। इसी के साथ पूरे देश में 8 अक्टूबर तक राष्ट्रीय छुट्टियां हो गई हैं। इन्हें सेलिब्रेट करने के लिए देश भर के लोग महामारी के बीच घूमने निकल पड़े हैं। अनुमान है कि महामारी के बीच करीब 60 करोड़ लोग 8 दिन में सफर करेंगे।
चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नेशनल-डे के मौके पर देश भर के सभी प्रमुख स्थल सजा दिए गए हैं। इन्हें देखने और छुट्टियां मनाने के लिए पहले दिन करीब 3.5 करोड़ लोगों ने सफर किया। सबसे ज्यादा 1.8 करोड़ लोगों ने ट्रेन से सफर किया। करीब 1.2 करोड़ लोग हवाई सफर से छुट्टियां मनाने निकले। जबकि 50 लाख लोग महामारी को देखते हुए अपने वाहनों से सफर कर रहे हैं।
1 अक्टूबर 1949 को मिला था नाम- पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना
साल 1912 में क्विंग राजशाही का अंत हुआ और रिपब्लिक ऑफ चाइना बना। यहीं से चीन का आधुनिक इतिहास शुरू हुआ। 1936 में जापान के हमले के खिलाफ चीन ने मजबूती से युद्ध लड़ा। द्वितीय विश्वयुद्ध खत्म होने पर 1945 में जापान ने सरेंडर कर दिया। तब चीन में कम्युनिस्टों और नेशनलिस्टों के बीच जंग छिड़ गई थी।
चीन के लाखों नागरिक मारे गए
4 साल तक देश में सिविल वॉर की स्थिति बनी रही। इस युद्ध में चीन के लाखों नागरिक मारे गए थे। इसके बाद 1 अक्टूबर, 1949 को माओ त्से तुंग ने कम्युनिस्ट पार्टी की जीत का ऐलान किया। फिर संविधान में देश का नाम पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना रखा गया। इस लिहाज से अक्टूबर का पहला सप्ताह चीन में बहुत खास माना जाता है।
नई दिल्ली। दुनियाभर में लोग वैसे तो कई तरह की आदतों में बंटे हुए हैं, लेकिन जिसपर सबसे ज्यादा चर्चा होती है वो है शाकाहार और मांसाहार। लोग केवल अपने खाने को अधिक महत्व नहीं देते बल्कि वह इस बात का
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नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच बुधवार को पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के हालातों पर एक और दौर राजनयिक मीटिंग हुई है। दोनों देशों के बीच सीमा के मसलों को लेकर बनाए गए वर्किंग मैकेनिज्म फॉर
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नाबालिग हिंदू लड़की ने गैंगरेप के बाद ब्लैकमेल से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। लड़की को पिछले साल जुलाई में घर से तीन लोगों ने अगवा किया था। बाद में उसके साथ रेप हुआ। आरोपियों ने इसका वीडियो बना लिया था। इस मामले में केस दर्ज हुआ था और आरोपी गिरफ्तार भी हुए थे। लेकिन, कुछ दिन बाद ही उन्हें बेल मिल गई थी। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने पीड़िता को ब्लैकमेल किया। बाद में उसने खुदकुशी कर ली।
कुएं में कूदकर खुदकुशी
‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, नाबालिग लड़की ने बुधवार सुबह एक कुएं में कूदकर जान दे दी। उसका गांव सिंध के थारपारकर जिले में आता है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल जुलाई में तीन लोग लड़की को अगवा करके ले गए थे। उसके साथ गैंगरेप किया गया और इसका वीडियो भी बना लिया गया। लड़की के परिवार की शिकायत पर केस दर्ज हुआ और आरोपियों की गिरफ्तारी भी। लेकिन, कुछ ही दिन में वे जमानत पर बाहर आ गए।
ब्लैकमेल किया गया
लड़की के परिवार ने कहा- आरोपी जमानत पर थे। ये सभी दबंग परिवारों के हैं। उन्होंने पीड़िता को ब्लैकमेल किया। इससे परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली। जिले के एसएसपी अब्दुल्ला अहमदयार ने माना कि लड़की के साथ गैंगरेप किया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो गई थी। स्थानीय हिंदू समुदाय के नेताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इन लोगों ने कहा है कि अगर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को 6 दिसंबर, 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया और कहा कि 1992 बाबरी मस्जिद विध्वंस
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नई दिल्ली। देश में अनलॉक-5 की गाइडलाइन लागू हो गई हैं और सरकार ने सिनेमा हॉल सहित कई तरह की आर्थिक गतिविधियों को खोलने की इजाजत दे दी है। हालांकि कोरोना वायरस का संक्रमण अभी भी तेजी से फैल रहा है।
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नई दिल्ली। कृषि विधेयक के खिलाफ किसान सड़कों पर उतरे हैं और विरोधी दल ने भी किसान बिल को लेकर मोर्चा खोला हुआ है तो वहीं इसी बीच गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर से
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हाथरस में युवती के साथ गैंगरेप की घटना ने हर किसी हिलाकर रख दिया। जिस तरह से आनन-फानन में युवती की मौत के बाद उसका पुलिस ने अंतिम संस्कार किया, उसने पुलिस की मंशा पर सवाल खड़ा
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कैलिफोर्निया। अमेरिका में मंगलवार को यूएस एयरफोर्स का सबसे एडवांस फाइटर जेट F-35B क्रैश हो गया है। यह क्रैश उस समय हुआ जब जेट हवा में ईधन भरने वाले टैंकर से टकरा गया था। यूएस मरीन की तरफ से इस बात
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कैथोलिक ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप फ्रांसिस ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से मिलने से इनकार कर दिया। पोप वेटिकन सिटी में रहते हैं। वेटिकन ने एक बयान में कहा- अमेरिका में इस वक्त चुनाव प्रक्रिया चल रही है। चुनावी दौर में पोप किसी नेता से मुलाकात नहीं करते।
हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पोम्पियो ने पोप से मिलने से पहले चीन में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर एक बयान दिया था। वेटिकन नहीं चाहता था कि पोम्पियो वेटिकन का इस्तेमाल सियासी फायदे के लिए करें।
वेटिकन का आरोप
पोम्पियो चार देशों की यात्रा के तहत वेटिकन सिटी पहुंचे थे। यहां पहुंचने से पहले उन्होंने कहा था कि चीन में मानवाधिकारों का उल्लंघटन हो रहा है। वहां बाकी लोगों के साथ ईसाइयों को भी परेशान किया जा रहा है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, वेटिकन के अफसर इसी बयान को लेकर नाराज थे। इसलिए, जब पोम्पियो ने पोप फ्रांसिस से मिलना चाहा तो वेटिकन ने इससे इनकार कर दिया। वेटिकन ने कहा- चुनावी दौर में पोप किसी नेता से नहीं मिलते। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोम्पियो से पोप से मुलाकात का इस्तेमाल सियासी फायदे के लिए करना चाहते थे।
पोम्पियो ने तंज कसा था
सितंबर की शुरुआत में पोम्पियो ने एक अखबार में आर्टिकल लिखा था। इसमें उन्होंने वेटिकन सिटी का नाम लिए बिना उस पर तंज कसा था। पोम्पियो ने कहा था- कैथोलिक चर्च अपनी नैतिक विश्वसनीयता और ताकत को खतरे में डाल रहा है। दरअसल, वेटिकन ने चीन से बिशप्स की नियुक्ति को लेकर एक समझौता किया है। अमेरिका को लगता है कि वेटिकन भी चीन के दबाव में उसकी शर्तें मान रहा है। पोम्पियो ने कहा था- दुनिया में धार्मिक आजादी को जितना खतरा चीन में है, उतना कहीं नहीं है।
ट्रम्प को समर्थन
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पारंपरिक ईसाई समुदाय का समर्थन हासिल है। इसके अलावा दूसरे ईसाई धार्मिक संगठन भी उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। इनमें से ज्यादातर ये मानते हैं कि पोप फ्रांसिस जरूरत से ज्यादा उदारवादी हैं। मानवाधिकार संगठन भी कई बार कह चुके हैं कि वेटिकन चीन में ईसाई समुदाय के बारे में बात नहीं करता। 2018 में चीन और वेटिकन के बीच बिशप्स को लेकर एक समुझौता हुआ था। इसमें कहा गया था कि चीन में सिर्फ चीनी मूल के बिशप्स की नियुक्ति ही की जा सकेगी। अगले महीने इस समझौते की समीक्षा होनी है।
नई दिल्ली। आज देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का जन्मदिन है, इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति को ट्वीट के जरिए बधाई दी है, जिसमें उन्होंने ने लिखा है कि 'राष्ट्रपति जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, उनकी
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जम्मू। जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले के तहत आने वाली कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की गई है। पाक की ओर से हुए युद्धविराम उल्लंघन में लांस नायक करनैल सिंह शहीद हो गए हैं। जम्मू स्थित डिफेंस
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लखनऊ। बॉलीवुड में फैले ड्रग्स रैकेट के खिलाफ लोकसभा सांसद और भाजपा नेता रवि किशन ने खुलकर आवाज उठाई थी। कई फिल्मों में काम कर चुके रवि किशन ने लोकसभा में ड्रग्स रैकेट के मुद्दे को उठाया था। रवि किशन के
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नई दिल्ली। 1 अक्टूबर से यानी आज से ट्रैफिक रूल बदल गए हैं, जिसे घर से निकलने से पहले आपको जरूर जानना चाहिए। दरअसल यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे (MoRTH) ने आज से सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 में
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में हाथरस में लड़की से बलात्कार और हत्या के बाद बलरामपुर में एक छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। बलरामपुर में 22 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद उसे बुरी जख्मी कर
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में युवती के साथ कथित तौर पर गैंगरेप के बाद उसके साथ हुई बर्बरता ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। लोगों में इस घटना के बाद गुस्सा है। हाथरस की इस घटना के
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बीते कुछ हफ्तों में ट्रम्प एक बात साफ करते आए हैं। पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट में तो उन्होंने इस बिल्कुल साफ कर दिया। ट्रम्प के मुताबिक, 3 नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में मतदाताओं के सामने सिर्फ दो विकल्प हैं। इनमें डेमोक्रेट कैंडिडेट जो बाइडेन की जीत शामिल नहीं है। इसका मतलब ये है कि चुनाव ट्रम्प ही जीतेंगे। अगर हारे तो मेल इन बैलट्स को गैरकानूनी या अमान्य घोषित कर देंगे। इस चेतावनी या कहें वॉर्निंग को गंभीरता से लेना चाहिए।
ट्रम्प क्या चाहते हैं
राष्ट्रपति की बात को समझिए। इसमें पारदर्शिता यानी ट्रांसपेरेंसी जैसी कोई चीज नहीं है। अगर वे चुनाव नहीं जीत पाते हैं तो फैसला सुप्रीम कोर्ट या हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में होगा। अब आप दोनों की स्थिति को समझिए। दोनों ही जगह ट्रम्प फायदे में हैं। और यही बात वो कई हफ्तों से और कई मंचों से दोहरा चुके हैं।
इससे ज्यादा और क्या साफ हो सकता है
मैं इस बारे में और ज्यादा साफ क्या कहूं कि- हमारा लोकतंत्र इस वक्त भयानक खतरे का सामना कर रहा हूं। ये खतरा सिविल वार, पर्ल हार्बर और क्यूबा के मिसाइल क्राइसिस से भी बड़ा है। इतना बड़ा खतरा तो वॉटरगेट कांड के बाद भी सामने नहीं आया था। मैंने अपना कॅरियर विदेश संवाददाता के तौर पर शुरू किया। उस वक्त लेबनान में दूसरा सिविल वार चल रहा था। इस युद्ध का मेरी जिंदगी पर बहुत गंभीर असर हुआ।
राजनीति का गहरा असर होता है
लेबनान सिविल वार के बाद मैं समझा कि जब एक देश में हर चीज सियासत से जुड़ जाती है तो क्या होता है। जब कुछ चुनिंदा नेता देश से ज्यादा पार्टी को अहमियत देने लगते हैं। जब कुछ कथित जिम्मेदार लोग ये साबित करने लगते हैं कि वे किसी भी कानून को तोड़ सकते हैं, अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें कोई रोकने वाला नहीं।
अब फिक्र होने लगी है
कट्टरपंथी जब हावी होने लगते हैं तो सिस्टम खराब होने लगता है, टूटने लगता है। मैंने ऐसा होते देखा है। मैं सोचता था कि अमेरिका में ऐसा कभी नहीं हो सकता। लेकिन, अब मुझे बेहद फिक्र होने लगी है। इसकी वजह ये है कि फेसबुक और ट्विटर हमारे लोकतंत्र के दो मजबूत आधारों सत्य और विश्वास, को खत्म कर रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि ये उन लोगों को अपनी बात रखने का प्लेटफॉर्म देते हैं जो अपनी आवाज नहीं उठा सकते। इससे पारदर्शिता बढ़ती है। लेकिन, ये भी याद रखिए कि इन पर ही बड़ी तादाद ऐसे लोगों की है जो साजिशें रचते हैं, झूठ गढ़ते और फिर इसे फैलाते हैं।
सच और झूठ में फर्क जरूरी
इन सोशल नेटवर्क्स ने इंसान की खुद की सोच को खत्म कर दिया है। झूठ और सच में फर्क नहीं किया जाता। जब तक दोनों पक्षों में भरोसा नहीं होगा, तब तक आम लोगों की बेहतरी भी नहीं हो सकती। हेब्रू यूनिवर्सिटी के रिलीजियस फिलॉस्फर मोशे हालबर्टेल कहते हैं- राजनीति में मूल्य होने चाहिए। फैसले ऐसे होने चाहिए, जिससे दोनों पक्षों को फायदा हो। लोगों का भरोसा नहीं टूटना चाहिए। लेकिन, आज अमेरिका में ये नहीं हो रहा है। बाकी सब तो छोड़ दीजिए। यहां तो मास्क पहनने पर भी राय बंट गई है। और अगर हालात यही हैं तो फिर लोकतंत्र जिंदा नहीं रह पाएगा।
डेमोक्रेट्स पर भी सवालिया निशान
ऊपर दिए गए तथ्यों के आधार पर मुझे लगता है कि इस चुनाव में जो बाइडेन ही एकमात्र पसंद हैं। लेकिन, ऐसा भी नहीं है कि डेमोक्रेट्स सियासत नहीं कर रहे। लेकिन, रिपब्लिकन्स से उनकी तुलना नहीं की जा सकती। रिपब्लिकन्स ने पहले रोनाल्ड रीगन और जॉर्ज बुश सीनियर को चुना। लेकिन, वे ये भी जानते हैं कि अभी ओवल ऑफिस में बैठा व्यक्ति कैसा है। अगर ट्रम्प को चार साल और मिलते हैं तो हमारे संस्थान खत्म हो जाएंगे, देश बंट जाएगा। इसलिए, मुझे लगता है कि अमेरिका की आशा यही है कि बाइडेन चुने जाएं। रिपब्लिकन्स के कुछ कम कट्टरपंथी लोग उनका साथ दें।
आज फीके रहे बाइडेन
बुधवार की डिबेट में बाइडेन नहीं चमक पाए। डिबेट की ही बात करें तो मैंने उन्हें बहुत प्रभावी कभी नहीं देखा। लेकिन, मुझे कोई शक नहीं कि वे सरकार को एकजुट करेंगे और वो क्वॉलिटी जरूर दे पाएंगे जो एक देश के तौर पर जरूरी हैं और जिनका यह देश हकदार है। इसलिए मैं कहता हूं- बाइडेन को वोट दीजिए। मेल से दें या फिर मास्क लगाकर बूथ तक जाएं और फिर वोटिंग करें। ताकि, ट्रम्प और फॉक्स न्यूज को नतीजों में धांधली का मौका न मिल सके। लोगों को प्रेरित करें और बाइडेन के लिए वोट कराएं। यह आप अपने देश के लिए करें। क्योंकि, हमारा लोकतंत्र इसी पर निर्भर है।
दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.41 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 54 लाख 20 हजार 056 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10.18 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। इजराइल में लोग अब प्रतिबंधों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। इसको लेकर यहां सरकार ने एक कानून पास कर दिया है।
इजराइल : सरकार सख्त
इजराइल में पिछले कुछ दिनों से लोग प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं। इनका कहना है कि सरकार कोरोनावायरस की रोकथाम के नाम पर मनमाने प्रतिबंध लगा रही है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस्तीफे की मांग की जा रही है। लेकिन, सरकार ने भी सख्त रुख अपना लिया है। संसद में एक कानून पास किया गया है। इसके तहत अब विरोध प्रदर्शन गैरकानूनी होंगे और ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जा सकेगा।
नए कानून के तहत लोग एक किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा भी नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा 20 से ज्यादा लोगों के एक जगह जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है। सरकार का कहना है कि वैक्सीन अब तक नहीं आई है और संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा है। लिहाजा, सख्ती जरूरी है।
स्पेन : मैड्रिड लॉकडाउन की ओर
स्पेन की राजधानी मैड्रिड में सरकार ने कुछ हॉटस्पॉट्स की पहचान की है। सरकार का कहना है कि यहां लॉकडाउन लगाए बिना संक्रमण रोकना आसान नहीं है। लेकिन, स्थानीय प्रशासन और लोग केंद्र के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। परेशानी की बात यह है कि दो हफ्ते में यहां एक लाख 33 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं और सरकार की फिक्र का सबब भी यही आंकड़ा है। हेल्थ मिनिस्टर साल्वाडोर इले ने कहा- मैड्रिड की हेल्थ ही स्पेन की हेल्थ भी है। हमने नियमों की नई सूची तैयार कर ली है और इसे जल्द लागू करेंगे। मैड्रिड में 9 उपनगरीय इलाके हैं। यहां करीब 30 लाख लोग रहते हैं। फिलहाल, बाहर से आने वालों पर बैन लगाया गया है।
स्पेन की राजधानी मैड्रिड में बुधवार को राजमहल के बाहर मौजूद रॉयल गार्ड। यहां सरकार नए प्रतिबंध लगाना चाहती है, लेकिन लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
साउथ कोरिया: सरकार ने कहा- सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी
साउथ कोरिया में सोमवार को 39 नए केस सामने आए। हालांकि केसों में हल्की गिरावट भी देखी गई है। इसके बावजूद सरकार ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया जाए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, छुट्टियों में लाखों लोग घूमने का प्लान बना चुके हैं। इससे महामारी फैलने का खतरा हो सकता है। देश में 23 हजार 699 केस हैं, 407 मौतें हुई हैं।
दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में एक बस स्टॉफ पर मौजूद लोग। यहां सरकार एक आदेश जारी कर कहा है कि अगले हफ्ते आने वाले त्योहार के दौरान भी प्रतिबंधों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। (फाइल)
लैटिन अमेरिका : 34 लाख लोगों ने नौकरी गंवाई
यूएन के इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया है कि महामारी के चलते लैटिन अमेरिका में 34 लाख लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। संगठन ने कहा है कि किसी भी हाल में सरकारों और यूएन को मिलकर इन लोगों के लिए काम करना होगा। कई दशक बाद इतनी खराब स्थिति देखने को मिली है। लैटिन अमेरिका के अलावा कैरेबियन देशों में भी महामारी का असर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लैटिन अमेरिका में कई बुनियादी समस्याएं हैं। इनको सुलझाए बिना रोजगार की समस्या को हल नहीं किया जा सकता। इसके लिए एक प्लान भी तैयार करने को कहा गया है।
स्पेन : कारोबार को नुकसान का खतरा
स्पेन सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में संक्रमण की लहर को रोकने के लिए वो हर मुमकिन कदम उठाएगी। सरकार का यह सख्त बयान मैड्रिड लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के एक दिन पहले दिए गए उसे बयान के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार के कदमों से पटरी पर आ रहे कारोबार को फिर नुकसान हो सकता है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने सोमवार को कहा था- यूरोपीय देशों और खासकर पड़ोसी देश फ्रांस में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लिहाजा, सरकार को कठोर कदम उठाने होंगे। कुछ खबरों में कहा गया कि स्पेन सरकार सीमाएं बंद करने पर भी विचार कर रही है। हालांकि, सरकार ने इन खबरों का खंडन कर दिया है।
नई दिल्ली। मुंबई में चेंबूर रेलवे स्टेशन के पास मार्केट में आग लगने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार यह आग चेंबूर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक बाजार में लगी है। आग लगने की खबर मिलने के बाद
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नई दिल्ली। कोरोना संकट काल में लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली एयरपोर्ट पर भी यात्रियों के लिए कोरोना टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट
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